जम्मू-कश्मीर में बर्फीले तूफान में फंसकर मथुरा का लाल शहीद हो गया। जैसे ही यह खबर नौहझील के गांव खाजपुर में पहुंची तो पूरा गांव शोक में डूब गया। शहीद सैनिक के घर पर आसपास के गांव के ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। हर कोई सैनिक को लेकर केवल चर्चा करता दिखा।
अलीगढ़ के गांव घाघौंली निवासी बनै सिंह ने रविवार को नौहझील के गांव खाजपुर पहुंचकर सत्यवीर (38) पुत्र स्व. देवी सिंह के शहीद होने की खबर दी तो घर में कोहराम मच गया। बनै सिंह का छोटा भाई मुकेश कुमार भी सत्यवीर के साथ जम्मू-कश्मीर में तैनात है। आसपास के ग्रामीणों की शहीद हुए सत्यवीर के घर पर भीड़ लग गई। हर कोई शहीद के परिजनों को ढांढस बंधाता दिखा। ग्रामीणों की मानें तो शहीद सत्यवीर साल 2000 में जाट रेजिमेंट में 16वीं यूनिट में भर्ती हुआ था। शहीद होने की पुष्टि गांव के प्रधान दिलावर सिंह ने की। शहीद सैनिक का पार्थिव शरीर मंगलवार को गांव खाजपुर में लाया जाएगा। इसके बाद ही यहां सैनिक सम्मान के साथ अंत्येष्टि की जाएगी।
बच्चों संग परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
शहीद सैनिक के एक बेटा और बेटी है। बच्चों के संग ही पूरे परिवार को रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण भी पूरे परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। हर कोई सैनिक के शहीद होने से गमजदां दिख रहा है।