सैन्य अधिकारी की पत्नी ने शादी के 22 साल बाद पति और ससुराल वालों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न की कहानी बताई। पीड़िता ने बताया कि उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उसे घर से बाहर निकाल दिया गया। जिसके बाद पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली है।
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में सैन्य अधिकारी की पत्नी का विवाद सामने आया है। दरअसल सेना के बीईजी सेंटर रुड़की उत्तराखंड में तैनात सैन्य अधिकारी की पत्नी ने शादी के 22 साल बाद पति से गुजारा भत्ता मांगा है। प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय ने दंपती के बीच समझौता कराने के लिए मुकदमे को मीडिएशन सेंटर में भेजा है। मीडिएशन सेंटर में सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तारीख तय कर दी गई है।
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ये है मामला
थाना बिछवां के गांव सिमरई निवासी रमेश चौहान ने अपनी पुत्री वंदना की शादी 22 साल पहले धर्मेंद्र भदौरिया निवासी सिंकदरा कानपुर के साथ की थी। शादी के कुछ साल बाद ही दंपती के बीच विवाद शुरू हो गया। इसी बीच वंदना ने दो बच्चों को जन्म दिया। वंदना का उत्पीड़न करके उस पर घर छोड़ने का दबाव बनाया गया। जब वह तैयार नहीं हुई तो उसको मारपीट करके अप्रैल 2023 में घर से निकाल दिया गया।
वंदना के मायके वालों ने पंचायत की, लेकिन धर्मेंद्र भदौरिया ने पंचायत नहीं मानी। वंदना ने पति से गुजारा भत्ता पाने के लिए 10 मई 2023 को प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय में मुकदमा दायर किया। प्रधान न्यायाधीश ने दंपती के बीच समझौता कराने के लिए मुकदमे को मीडिएशन सेंटर में भेज दिया। मीडिएशन सेंटर में समझौता कराने के लिए मीडिएटर आनंद कुमार सिंह यादव को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मीडिएटर ने धर्मेंद्र भदौरिया को नोटिस जारी करके सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तारीख तय कर दी है।