होली में रंग खेलने से पहले या बाद में क्या करें?
- फोटो : Adobe
होली खेलने से पहले हाथ-पैर, सिर और चेहरे पर अच्छी तरह से नारियल तेल लगा लें। इससे रंगों से होने वाली एलर्जी से बचाव होगा। अस्थमा-सांस रोगी हैं तो गुलाल परेशानी बढ़ा सकता है। ऐसे में मास्क लगाकर होली खेलें।
त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि सिंथेटिक रंग में कई केमिकल होते हैं। त्वचा पर रगड़ने से एलर्जी होती है। इससे चकत्ते, खुजली और जख्म बन सकते हैं। ऐसे में अच्छी गुणवत्ता की मॉइश्चराइजर या फिर नारियल का तेल सिर, हाथ-मुंह और चेहरे पर जरूर लगाएं।
वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि अस्थमा और सांस के मरीज गुलाल लगाने से पहले मास्क लगा लें, एलर्जी से उन्हें दिक्कत बढ़ सकती है। ईएनटी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रीतू गुप्ता ने कहा कि आंखों पर चश्मा लगा लें। कानों में पानी जाने से बचाएं।
इन बातों पर रखें ध्यान
1- रंग छुड़ाने के लिए बार-बार साबुन से चेहरा न धोएं।
2- खूब पानी पीएं और प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें।
3- सांस-अस्थमा मरीज दवाएं बंद न करें, धूल-धुआं से बचें।
4- आंखों में जलन होने पर रगड़ें नहीं, ठंडे-साफ पानी से धोएं।
5 - आंख, कान और नाक में रंग न लगाएं। गुब्बारे नहीं मारें।