आगरा में धनगर समाज सियासत के बीच फंस कर रह गया है। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल के दावे के 10 दिन बाद भी धनगर समाज के लोगों के अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। स्थिति यह है कि इस संबंध में तहसील पर शासनादेश तक नहीं पहुंचा है। जबकि आवेदक तहसील के चक्कर काट रहे हैं।
प्रदेश सरकार में पशुधन, लघु सिंचाई एवं मत्स्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल और अनुसूचित जाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया दोनों ने स्वयं को धनगर समाज का हितैषी बताते हुए एक-दूसरे पर निशाना साधा।
धनगर समाज के अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र न बनने को लेकर दोनों ने एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया। 25 जनवरी को काबीना मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने प्रेसवार्ता कर दावा किया था कि अब प्रदेश के धनगर समाज के अनुसूचित जाति आयोग के प्रमाणपत्र बनने में कोई अड़चन नहीं आएगी।
24 जनवरी को जारी हुआ आदेश
इसके लिए 24 जनवरी को शासन के प्रमुख सचिव मनोज सिंह ने प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को धनगर जाति के व्यक्तियों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र निर्गत करने के लिए स्पष्टीकरण आदेश जारी कर दिया था।
मगर, तहसील पर जब पड़ताल की गई तो पता चला कि अब तक तहसील पर शासनादेश ही नहीं पहुंचा है। इसके लिए उनके प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं। जबकि प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदक तहसील के चक्कर काट रहे हैं।
इस संबंध में सदर तहसीलदार महेंद्र कुमार ने बताया कि अभी तक शासनादेश नहीं मिला है। इसके चलते धनगर समाज के लोगों के अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं।
तहसील के लगा रहे चक्कर
ताजगंज निवासी राजेश बघेल ने कहा कि अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कई बार आवेदन किया लेकिन हर बार यह कह कर लौटा दिया गया कि अभी सरकार की ओर से कोई आदेश नहीं है। वहीं राजेंद्र बघेल का कहना है कि बघेल हमारा टाईटल है। जबकि हमारी जाति धनगर है। मगर, हमारा अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है।
एडीएम सिटी को दिया ज्ञापन
अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र न बनने को लेकर धनगर समाज के लोग सोमवार को अपर जिलाधिकारी नगर केपी सिंह से मिले। उन्होंने शासनादेश के अनुपालन के संबंध में एडीएम सिटी को ज्ञापन दिया। इस दौरान राकेश बघेल, विजय सिंह धनगर, बीधाराम, प्रदीप सेठ, अशोक होल्कर, जितेंद्र कुमार, किशोर कुमार, मोहित पाल आदि मौजूद थे।