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अपराजिता: 'मेहंदी खिलता रंग ही नहीं, हमारी संस्कृति का हिस्सा भी है'

Fri, 08 Feb 2019 05:50 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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शिक्षिकाओं और छात्राओं ने हाथों पर रचाई मेहंदी
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हाथ में मेहंदी का कोन, हथेली पर खिंच रही हिना की लकीर, मन में अपने इस हुनर की दाद बटोरने की तमन्ना। हर एक चेहरे पर झलक रही तन्मयता। कुछ ऐसा ही नजारा गुरुवार को अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत आयोजित मेहंदी रचाओ प्रतियोगिता में देखने को मिला। 

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गुरुवार को गोवर्धन के मुरारी कुंज सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के सभागार में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत मेहंदी रचाओ प्रतियोगिता हुई। कार्यक्रम में बालिकाओं व महिला शिक्षिकाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। 

मेहंदी रचाओ प्रतियोगिता में छात्रा साक्षी की रचाई मेहंदी सबसे अव्वल रही, जबकि शिक्षिकाओं में प्रतिभा लवानियां ने सबसे बेहतर मेहंदी रचाई। निर्णायक मंडल की तरफ से दीपिका कौशिक ने मेहंदी प्रतियोगिता की प्रतिभागियों की सर्वश्रेष्ठ मेहंदी प्रतियोगी का चयन किया। 

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'अपराजिता' की रंगोली सजाई

शपथ लेंती नारी शक्ति
शिक्षिका खुशबू अग्रवाल ने बताया कि हाथों में रचने वाली मेहंदी एक खिलता रंग ही नहीं बल्कि हमारी संस्कृति का हिस्सा है। यह हमारी आने वाली खुशियों का प्रतीक है। इस प्रतियोगिता में खुशी, स्नेहा, राधा, हर्षिता, सिमरन, पलक, नंदनी, अंशिका, लक्षिता, वैष्णवी, मुस्कान, तनिशा, नैनशी, संतुष्टी उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। 

अपराजिता की रंगोली क्षमा, चित्रांशी, कोमल, कशिश ने सजाई। मेहंदी व रंगोली प्रतियोगिता की संयोजिका ललितेश व खुशबू अग्रवाल संयुक्त रूप से रहीं। प्रधानाचार्य ब्रजबल्लभ शर्मा, अभिलाषा, सरिता, ममता, वंदना, जयश्री, चैलसी, ज्ञानेंद्र, पवन, प्रमोद, डॉली, अमर सिंह, केशव देव, सुनील, विष्णु, उमाशंकर, अमित, नवीन, सुशील भगवान सिंह का प्रमुख सहयोग रहा। 

अमर उजाला अपराजिता अभियान में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानाचार्य ब्रजबल्लभ शर्मा ने कहा कि बेटियां किसी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। वे ब्यूटीशियन सिलाई, कढ़ाई जैसे कोर्स करके अपने हुनर से आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
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