सर्पदंश होने पर इन बातों का रखें ध्यान
एसएन मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. अजीत चाहर ने बताया कि सर्पदंश होने पर घाव को एंटीसेप्टिक से अच्छी तरह साफ करें। जहरीले सर्प काटने से मरीज के पलक बंद होने लगते हैं, सांस लेने में परेशानी हो रही है, कमजोरी, गले में थूक या पानी निगलने में तकलीफ हो रही है तो कटे हुए हिस्से पर रस्सी से न बांधे और नहीं उसमें कट का निशान लगाएं।
उस हिस्से को हिलाएं-ढुलाएं नहीं। बायगीर समेत अन्य में समय बर्बाद न करें और तत्काल चिकित्सक को दिखाने लाएं। कई बार मरीज में ये लक्षण एक-दो घंटे बाद भी नजर आने लगते हैं। ऐसे में मरीज को कम से कम 24 घंटे भर्ती रखा जाता है।