आगरा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) खत्म हो गई है। इससे जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने के लिए मारामारी है। यहां सोमवार को 408 मरीज आए और उन्हें इंजेक्शन के लिए डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा। अब स्टॉक में केवल 150 वाइल ही बचा है।
जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. अशोक अग्रवाल ने बताया कि पूरे प्रदेश में एआरवी की किल्लत है। देहात के स्वास्थ्य केंद्राें पर इसके खत्म होने से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या ढाई गुना तक बढ़ गई है। सोमवार को कुत्ता-बंदर काटे के 408 मरीज आए, इनके लिए 102 वाइल जारी हुआ। अब स्टॉक में महज 150 वाइल है। वाइल के लिए शासन को पत्र लिखा है, डीएम ने भी बात कर एआरवी जल्द आपूर्ति करने के लिए कहा है।
इन क्षेत्रों में है ज्यादा कुत्ता-बंदर
जिला अस्पताल के मुख्य अधीक्षक डॉ. सीपी सिंह ने बताया कि गर्मी में कुत्ता-बंदर काटने के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। ओपीडी में मोती कटरा, फव्वारा, रावतपाड़ा, पीपलमंडी, बेलनगंज, ताजगंज, दरेसी, रुनकता क्षेत्र से बंदर काटे के मरीज अधिक आ रहे हैं। यमुनापार, शाहगंज, आवास विकास कॉलोनी, जगदीशपुरा, मलपुरा और मंटोला से कुत्ता काटे के मरीजों की संख्या अधिक है।
निजी अस्पताल में वैक्सीन महंगी
कुत्ता ने काट लिया, निजी अस्पताल में वैक्सीन महंगी है। जिला अस्पताल में एक रुपये के पर्चे पर इंजेक्शन लग जाता है, ऐसे में यहां लगवाने आया, डेढ़ घंटे तक लाइन में लगना पड़ा।- पुनीत कुमार, जगदीशपुरा
स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं मिला
नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर एआरवी खत्म हो गया था, ऐसे में जिला अस्पताल इंजेक्शन लगवाने आया। यहां मरीजों की भारी भीड़ दिखी। पर्चा बनवाने के बाद डेढ़ घंटे में इंजेक्शन लग पाया।- मनोज कुमार, कुंडोल