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ताजमहल के विजन डाक्यूमेंट में देश विरोधी नक्शा, एक नहीं बल्कि नौ पेजों पर गलती

Fri, 20 Jul 2018 11:09 AM IST
अमित कुलश्रेष्ठ, न्यूज डेस्क आगरा
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ताजमहल
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दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल को सदियों तक सहेजने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जिस विजन डाक्यूमेंट को बनवाया है, उसमें भारत का गलत नक्शा प्रकाशित किया गया है। यह गलती एक पेज पर नहीं बल्कि नौ पेजों पर की गई है।  
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स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, दिल्ली द्वारा एक हजार पेज के इस डाक्यूमेंट में नौ जगह देश विरोधी नक्शा छापा गया है, जिसमें पाक अधिकृत कश्मीर, अक्साई चिन और अरुणाचल प्रदेश का हिस्सा भारत में नहीं दिखाया गया है। 

बीते साल ही देश का गलत नक्शा प्रकाशित करने पर कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार ने कड़ा कानून बनाया है। जिसके तहत गलत नक्शा प्रकाशित करने पर सात साल की सजा और 10 लाख से 100 करोड़ रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। 
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ताजमहल के विजन डाक्यूमेंट का मैप
7वीं सदी में मुगल बादशाह शाहजहां द्वारा बनवाए गए ताजमहल को सदियों तक सहेजने के लिए सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद राज्य सरकार ने विजन डाक्यूमेंट बनवाया है। 

दिल्ली के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर को 78 लाख रुपये का भुगतान विजन डाक्यूमेंट के लिए किया गया, लेकिन स्कूल के 'विशेषज्ञों' ने एक, दो नहीं, बल्कि पूरे नौ पेजों पर भारत के गलत नक्शे को प्रकाशित किया है। 

वॉल्यूम तीन में पेज नंबर 18 से 26 तक ताज ट्रिपेजियम जोन की सीमाओं वाले नक्शों में भारत विरोधी नक्शा छापा गया है। इन पेजों पर टीटीजेड की हेरिटेज साइट, नहर तंत्र, शिक्षा, पेयजल, 2050 तक प्रस्तावित आबादी, उद्योग और सीमाओं का नक्शा प्रकाशित है। 
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ऐतिहासिक दस्तावेज में ही सबसे बड़ी गलती

ताजमहल के लिए यह विजन डाक्यूमेंट ऐसा ऐतिहासिक दस्तावेज है, जिसे सुप्रीम कोर्ट से अगर मंजूरी मिल जाती है तो भविष्य की सभी योजनाओं के लिए यह गाइड लाइन के रूप में काम करेगा। 

ऐसे डाक्यूमेंट को बनाने वाले विशेषज्ञों पर सवाल उठ खड़े हुए हैं, जिन्होंने गूगल मैप से भारत विरोधी देशों द्वारा उपयोग किए जाने वाले नक्शे का प्रयोग किया और पहला ड्राफ्ट प्रकाशित होने के बाद भी इस गलती को नहीं देखा। 

यही विजन डाक्यूमेंट सभी मंत्रालयों, राज्य सरकार और ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी के अधिकारियों को भेजा गया है। हैरत की बात यह है कि अभी तक कहीं से भी इस पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई है। 
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