आगरा के जगदीशपुरा थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने दिल्ली के अंसल बिल्डर्स के प्रोजेक्ट प्रभारी योगेश गावा को गिरफ्तार किया। वांछित चल रहे गावा को दिल्ली से पकड़ा गया। थाने पहुंचने से पहले ही बिल्डर की सिफारिशें आना शुरू हो गईं मगर पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
धोखाधड़ी, अमानत में खयानत का मुकदमा भागूपुर, एत्मादपुर की पप्पी देवी ने नवंबर 2021 में दर्ज कराया था। इसमें अंसल बिल्डर के प्रणव अंसल, योगेश गावा, विनय यादव, संदीप जैन, बल्लभ शर्मा और देव प्रियदास को नामजद किया था। आरोप लगाया था कि उन्हें अंसल इंफ्रास्ट्रक्चर के सुशांत ताज सिटी प्रोजेक्ट में भूखंड खरीदना था। यह प्रोजेक्ट जगदीशपुरा के बिचपुरी क्षेत्र में लॉन्च किया गया था।
वर्ष 2012 में उन्होंने बिल्डर के कार्यालय में संपर्क किया। उन्हें मौजा सदरवन (जगदीशपुरा) में 289 वर्गगज का भूखंड दिखाया गया। बताया गया कि मानचित्र एडीए से स्वीकृत है। 21.67 लाख रुपये में सौदा हुआ। भुगतान चेक के माध्यम से किया गया। रकम देने के बाद भी आरोपियों ने भूखंड का बैनामा नहीं किया। छानबीन में पता चला कि भूखंड का मालिकाना हक अभी तक बिल्डर के पास नहीं है। इस मुकदमे में पुलिस ने जून 2021 में कंपनी के मैनेजर संदीप जैन को गिरफ्तार किया था। इसके बाद तीन फरवरी को बिल्डर देव प्रियदास को जेल भेजा गया।
योगेश गावा को पकड़ने के लिए पुलिस की टीम बी ब्लाक हरीनगर जनकपुरी, नई दिल्ली में दबिश देकर गिरफ्तार किया गया। गावा की गिरफ्तारी होते ही दिल्ली से लेकर लखनऊ से पुलिस अधिकारियों के पास सिफारिशी फोन आए। इंस्पेक्टर जगदीशपुरा देवेंद्र शंकर पांडेय ने बताया कि आरोपी योगेश गावा अंसल बिल्डर का प्रोजेक्ट प्रभारी है। साक्ष्य संकलन के बाद गिरफ्तारी की गई।