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ताजनगरी को साफ-सुथरा बनाने में एक और कदम, कूड़े से खाद बनाने का नया प्लांट शुरू

Tue, 01 Oct 2019 07:45 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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कुबेरपुर में गीले कचरे से खाद बनाने वाला प्लांट शुरू - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में गीले कूड़े से खाद बनाने का एक और प्लांट कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर मंगलवार से शुरू हो गया। हर दिन इससे पांच मीट्रिक टन खाद बनाने का काम शुरू कर दिया गया। अब गीले कूड़े से शहर में इस प्लांट को मिलाकर कुल 35 मीट्रिक टन खाद बनाई जा रही है। 
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खाद कंपनी कृभको इसे खरीद रही है। नगर निगम ने दावा किया है कि नवंबर के अंत तक कुबेरपुर में ही 300 मीट्रिक टन खाद बनाने का एक और प्लांट शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए गीले और सूखे कूडे़ को अलग-अलग एकत्र करने पर जोर दिया जा रहा है।

120 मीट्रिक टन प्लास्टिक हो रही री-साइकिल

नगर निगम दावा करता रहा है कि वो शहर में हर दिन 750 मीट्रिक टन गीला-सूखा कूड़ा, सिल्ट, बायो मेडिकल वेस्ट निकालकर कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर पहुंचाता है। इनमें से 120 मीट्रिक टन प्लास्टिक, सिंगल यूज पॉलीथीन को छांटने के बाद अलग-अलग पैकेट बनाकर बॉक्स बनाए जा रहे हैं। 
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इस प्लास्टिक कचरे को री-साइकिल करने के लिए गजरौला, काशीपुर की फैक्ट्रियों में भेजा जाता है। नगर आयुक्त के मुताबिक प्लास्टिक कचरे से सड़कों को बनाने की शुरूआत आगरा में भी की जाएगी। डामर की सड़कों में ही प्लास्टिक कचरे का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा मंदिरों से एकत्र किए जा रहे फूलों से दो टन खाद बनाई जा रही है।

गीला-सूखा कूड़ा अलग आएगा तो बढ़ेगी क्षमता

कुबेरपुर, धांधूपुरा, आईएसबीटी मिलाकर अब हम 35 मीट्रिक टन खाद बना रहे हैं। लोग गीला और सूखा कचरा अलग-अलग देना शुरू कर देंगे तो खाद बनाने की क्षमता और बढ़ जाएगी। कोशिश है कि जितना गीला कूड़ा निकले, पूरे की खाद बनाई जाए- अरुण प्रकाश, नगर आयुक्त

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