सुरक्षा ग्रामीण आवासीय समिति के तत्कालीन सचिव केपी यादव पर सदर बाजार थाने में एक और एफआईआर सहकारिता विभाग की ओर से दर्ज कराई गई है। ये एफआईआर बीते वर्षों में फर्जी लेखा परीक्षा (ऑडिट) के मामले में दर्ज कराई गई है। लंबे समय से किसान नेता एफआईआर दर्ज कराने की मांग लेकर विकास भवन में धरना दे रहे थे।
सुरक्षा ग्रामीण आवासीय समिति आगरा के तत्कालीन सचिव केपी यादव की ओर से वर्ष 1993 से लेकर वर्ष 2022 तक की लेखा परीक्षा में फर्जीवाड़ा किया गया था। किसान नेता श्याम सिंह चाहर की शिकायत के बाद हुई जांच में ये फर्जीवाड़ा खुला था। इसके बाद से ही किसान नेता लगातार तत्कालीन सचिव के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे थे।
किसान नेता ऑडिट में फर्जीवाड़ा समेत अन्य मामलों में कार्रवाई के लिए विकास भवन में धरना भी दे रहे हैं। सोमवार को देर शाम तत्कालीन सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता रविंद्र कुमार की तहरीर पर सदर बाजार थाना पुलिस ने तत्कालीन सचिव केपी यादव के विरुद्ध धोखाधड़ी की धारा में एफआईआर दर्ज कर ली। इससे पूर्व भी दो एफआईआर केपी यादव के खिलाफ दर्ज की जा चुकी हैं। इसमें पहली एफआईआर अभिलेख उपलब्ध न कराने और दूसरी समिति की जमीन का विक्रय करने को लेकर दर्ज हुई थी। पुलिस ने तीसरी एफआईआर दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है।