आगरा में सहकारी समिति के गोदामों के निर्माण में हुए फर्जीवाड़े के खिलाफ किसान नेताओं ने मोर्चा खोल रखा है। 32 दिन से चल रहे धरने और अनशन में अब वृद्ध महिलाएं भी शामिल होंगी। वे बुधवार से विकास भवन में अनशन पर बैठेंगी। इसमें अनशन कर रहे किसान नेता श्याम सिंह चाहर की मां मुक्ता देवी (85) भी शामिल होंगी।
जिले की 21 सहकारी समितियों के निर्माण में हुए फर्जीवाड़े को लेकर किसान नेता श्याम सिंह चाहर और किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह के नेतृत्व में बीते 32 दिनों से विकास भवन में धरना चल रहा है। वहीं 30 दिनों से दोनों किसान नेता अनशन पर है। श्याम सिंह चाहर की हालत बिगड़ने के बाद उनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं मंगलवार को दीवानी के वरिष्ठ अधिवक्ता वरुण कुमार व अन्य साथियों ने धरना स्थल पर किसानों के आंदोलन को समर्थन देने का आश्वासन दिया। धरने में चौधरी पुष्पेंद्र सिंह, मुकेश कुमार, रामू चौधरी, सुरेंद्र सिंह, प्रदीप शर्मा समेत अन्य किसान शामिल हैं।
सुरक्षा दिलाने की मांग
जिला अस्पताल में भर्ती किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने चिकित्साधिकारी को पत्र लिखकर जान को खतरा बताया है। उन्होंने बताया कि वे भ्रष्टाचारियों के खिलाफ अनशन पर हैं। ऐसे में उनकी जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने सुरक्षा दिलाने की मांग की है।