ब्लैक फंगस से ठीक हुए मधुमेह रोगियों के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। शुगर का स्तर गड़बड़ाने से बीते एक महीने में 10 लोगों में दोबारा से ब्लैक फंगस मिला है। इनमें से छह मरीजों का ब्लैक फंगस वार्ड इलाज चल रहा है। एक मरीज बीते दिन ही आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुआ है।
ब्लैक फंगस वार्ड के प्रभारी डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बाद मई में ब्लैक फंगस के मरीज मिलना शुरू हुए थे। अभी तक वार्ड में 92 मरीज भर्ती हुए। डिस्चार्ज होकर गए 10 लोगों में ब्लैक फंगस मिला है।
यह सभी मधुमेह रोगी हैं और जब इनका शुगर का स्तर जांचा तो ग्लूकोज का स्तर खाली पेट 300 से 350 एमएल/डीएल और भोजन के बाद 400 से 450 एमएल/डीएल तक था। इनकी उम्र 50 साल से अधिक है। इन 10 मरीजों में से एक मरीज बीते दिन ही भर्ती हुआ है। 92 मरीजों में से 15 की मौत हो चुकी है, 13 का अभी इलाज चल रहा है।