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'लाइक-क्लिक' के नाम पर 500 करोड़ की ठगी में एक और आरोपी गिरफ्तार, 50 हजार का था इनाम

Sun, 01 Mar 2020 09:11 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

लाइक और क्लिक की स्कीम बताकर लोगों से जमा कराए थे 500 करोड़ रुपये
पेवे आईटी सॉल्यूशन कंपनी के खातों से अपनी कंपनी के खातों में जमा कराई थी रकम
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ठगी का आरोपी विनय सक्सेना - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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गाजियाबाद में 500 करोड़ की ठगी करने वाली पेवे आईटी सॉल्यूशन कंपनी के एक और सहयोगी विनय सक्सेना को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उसने फर्जी तरीके से एक कंपनी खोली थी। इसके बाद पेवे कंपनी के खातों से लाखों की रकम अपनी कंपनी के खाते में जमा कराकर निकाल ली थी।
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आगरा की साइबर क्राइम सेल के मुताबिक, गाजियाबाद के कौशांबी स्थित बिजनेस पार्क की पेवे आईटी सॉल्यूशन कंपनी ने वर्ष 2016 में लाइक और क्लिक की स्कीम बताकर लोगों से करोड़ों की रकम जमा कराई थी। 

इसके बाद 2017 में कंपनी बंद करके डायरेक्टर फरार हो गए थे। सिकंदरा के कुछ लोगों से 12 लाख से अधिक की ठगी की गई थी। इस मामले में मुकदमा दर्ज था। पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर बिजनौर निवासी अमन शर्मा और वरुण गुप्ता सहित छह आरोपियों को पूर्व में जेल भेजा था।
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आरोपियों से पूछताछ में बिजनौर के धामपुर निवासी विनय सक्सेना का नाम भी सामने आया था। पुलिस ने शनिवार को उसे सिकंदरा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। वो इस समय नोएडा में रह रहा था। 

उसने पेवे आईटी सॉल्यूशन कंपनी में जमा रकम को अपनी कंपनी के खाते में जमा कराया था। इसके बाद पेवे आईटी सॉल्यूशन के डायरेक्टर के साथ मिलकर रकम निकाल ली थी।

इस तरह से की थी ठगी

पेवे आईटी सॉल्यूशन कंपनी ने लोगों को दो प्लान बताए थे। पहले प्लान के मुताबिक, प्रत्येक यूजर को कंपनी के खाते में 57 हजार रुपये जमा कराने होते थे। इस पर एक यूजर आईडी डी जाती थी। यह एक साल के लिए होती थी। इसके बाद लोगों को लाइक और क्लिक करने होते थे। इसके बदले प्रत्येक दिन 670 रुपये रिटर्न का वादा किया जाता था।

दूसरे प्लान के मुताबिक, प्रत्येक यूजर को कंपनी के खाते में 1.15 लाख रुपये जमा कराने होते थे। इसके बाद यूजर आईडी मिलती थी। प्रत्येक दिन 350 लाइक और क्लिक करना होता था। इसके बाद 970 रुपये प्रत्येक दिन के हिसाब से देने का वादा किया गया।

दो डायरेक्टर सहित छह जेल गए थे 

सिकंदरा पुलिस ने नवंबर 2018 में पंजाब स्थित कारपोरेशन बैंक के कर्मचारी गुरजांट सिंह, मैनेजर रोहित रत्ता और कंपनी का सीए राहुल रत्ता को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस के मुताबिक, तीनों ने बैंक में किसानों के नाम पर खाते खुलवाकर कंपनी के डायरेक्टर से खातों में रकम जमा करवाकर निकलवाने में मदद की थी। 

वर्ष 2019 में पे वे आईटी सॉल्यूशन का डायरेक्टर वरुण कुमार गुप्ता आौर मुख्य सहयोगी अमित सक्सेना 24 अक्तूबर 2019 को पकड़े गए थे। 31 दिसंबर 2019 डायरेक्टर अमन शर्मा गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजा था। 
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मध्य प्रदेश में 1300 लोगों से की 15 करोड़ की ठगी

सिकंदरा पुलिस के हत्थे चढ़े विनय सक्सेना ने मध्य प्रदेश के अनूपपुर में वर्ष 2016 में साईं राम रियल टेक कंपनी खोली थी। वह कंपनी का डायरेक्टर था। एक स्कीम निकाली थी, जिसमें लोगों को मकान और दोगुनी राशि देने का लालच दिया। 

इसके बाद लोगों से निवेश कराया गया था। तकरीबन 1300 लोगों से 15 करोड़ जमा कराने के बाद विनय सक्सेना कंपनी बंद करके फरार हो गया था। उसके खिलाफ अनूपपुर के कोतवाली थाना में मुकदमा दर्ज हुआ था। 

उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी था। तब से मध्य प्रदेश पुलिस उसकी तलाश में लगी थी। उसके पकड़े जाने की जानकारी पर वहां की पुलिस ने आगरा पुलिस से संपर्क किया।
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