1 मई से रेलवे लाइन का काम रोकने का ऐलान
- फोटो : टूंडला के राजा का ताल में जन आक्रोश रैली निकालते भाजपाइ्र संगठन
अछनेरा। ग्राम नागर में चकमार्ग संख्या-24 पर रेलवे पुल निर्माण की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 168वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने एलान किया है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 1 मई से कीठम-भांडई बाईपास रेलवे लाइन का निर्माण कार्य पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।
किसान-मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने बताया कि पूर्व में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) और रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। आरोप है कि धरने के 155वें दिन उपजिलाधिकारी दिव्या सिंह व तहसीलदार दीपांकुर ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन तो दिया, लेकिन रेलवे प्रशासन वैकल्पिक मार्ग का झांसा देकर किसानों को गुमराह कर रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे पिछले 11 महीनों से ज्ञापन और प्रदर्शन के माध्यम से अपनी व्यथा सुना रहे हैं। निर्माणाधीन तीसरी रेल लाइन के कारण पुराना चकरोड बंद हो गया है, जिससे किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने के लिए 4 से 5 गुना अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। किसानों ने स्पष्ट किया कि उन्हें रेलवे पुल संख्या-31 और 32-ए के मध्य चकमार्ग पर हर हाल में पुल चाहिए, इसके अलावा कोई भी विकल्प स्वीकार्य नहीं है। मंगलवार को धरने में मुख्य रूप से मेजर दीवान सिंह, सुखपाल सिंह, मुकेश, अजयपाल सिंह, महावीर, भगवान दास, कृष्णवीर, दरियाब सिंह उपस्थित रहे।