कासगंज। जनपद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने मूल तैनाती वाले गांव व वार्ड में रहना पसंद नहीं करती। वहीं जरूरत के हिसाब से कार्यकर्ता तैनात भी नहीं है। इससे शासन की योजनाओं का लाभ बच्चों, किशोरियों एवं गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल पाता। जनपद में 2445 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, लेकिन ये केंद्र बदहाल है। इन केंद्रों के लिए पर्याप्त कार्यकर्ता भी तैनात नहीं है। 2028 कार्यकर्ता ही जनपद में नियुक्त हैं, जबकि 317 पद रिक्त चले आ रहे हैं। वैसे तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति नियमानुसार उसी गांव या वार्ड के निवासी के लिए है, लेकिन इन नियमों का पालन नहीं किया जाता।
तमाम केंद्र ऐेसे हैं जिनमें कार्यकर्ता अपने तैनाती केंद्र पर निवास नहीं करती। गंजडुंडवारा के इमामुद्दीन नगर की कार्यकर्ता गांव में न रहकर गंजडुंडवारा में रहती है। वहीं पटियली के वार्ड 4 की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का काफी समय से अता पता नहीं हैं। बताते हैं कि कार्यकर्ता की शादी हो चुकी है। जिससे वह केंद्र पर नहीं आती। इस कारण बच्चों, गर्भवती, महिलाओं को पोषाहार का वितरण नहीं हो पाता। बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित होती है। शासन केंद्रों को प्री प्राइमरी केंद्र के रूप में बदलने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए जोर शोर से तैयारियां चल रही हैं।