हाड़ कंपाने वाली ठंड से आगरा कांपने लगा है। सोमवार से बदले मौसम के तेवरों ने लोगो को ठिठुरा दिया है। बुधवार को पारा शून्य डिग्री पर पहुंचा तो गुरुवार को मामूली बढ़ते हुए 1.7 डिग्री पर पहुंच गया। सामान्य से 6 डिग्री नीचे चल रहे न्यूनतम तापमान से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है और सांझ ढलते ही लोग घरों में दुबक रहे हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी पाला पड़ने और तापमान में गिरावट केआसार जताए हैं।
गुरुवार सुबह न्यूनतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री नीचे 1.7 डिग्री रहा तो दोपहर में धूप खिलने के बाद भी यह सामान्य से 4 डिग्री नीचे 17.8 डिग्री पर पहुंच गया। बर्फीली हवाओं के सितम के चलते तापमान में यह गिरावट दर्ज की गई। तेज सर्द हवाएं तीर की तरह से चुभती रहीं तो वहीं रात में लोग पूरी तरह से गर्म कपड़ों में पैक होकर ही निकले। सर्दी केचलते बिजली की मांग में भी इजाफा हुआ है। हीटर, गीजर, रूम हीटर का प्रयोग तीन दिनों में बढ़ा है, जिसके चलते बिजली की सुबह कटौती भी बढ़ी है। स्कूलों का समय सुबह 10 बजे होने के बाद भी बच्चों को कड़ाके की सर्दी परेशान कर रही है।
पाला खेती के लिए आफत बन गया है। आलू, मटर, सरसों और गेहूं की फसलों पर बर्फ की तरह पाले की चादर बिछने ने आलू झुलसा रोग की चपेट में आ गया है। सरसों, मटर की फसल को भारी नुकसान है। गेहूं की फसल भी पाला की मार से बच नहीं पा रही हैं। बाह, अछनेरा और एत्मादपुर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा फसल पाले से बर्बाद हो गई है। किसान जिलाधिकारी से खेती को मौसम से हुए नुकसान का आंकलन कर मुआवजा दिलाने की की मांग कर रहे हैं। बाह में कई गांवों में खेतों में बर्फ जैसी परत जम गई। फरैरा के किसान अतर सिंह, रामहरी, राम दयाल 200 बीघा, जरार के बिजेन्द्र सिंह, राम सेवक, राम प्रकाश कुशबाह, देवी सिंह, महाराज सिंह 300 व बडागांव के जितेन्द्र सिंह, जय प्रकाश, महावीर सिंह आलू की करीब 100 बीघा फसल झुलसने का दावा कर रहे हैं।
अछनेरा ब्लाक क्षेत्र में राजस्थान की सीमा से सटे गांव हसेला, गोबरा, गढीमा, नगला गढीमा, साधन, फतेहपुरा, छ:पोखर और मथुरा जिले की सीमा से लगे बबरौद, अगनपुरा, अरदाया, कचैरा आदि गांवों में भी में आलू , सरसों और मटर की फसल को पाला से नुकसान पहुंचा है। सुखवीर सिंह प्रधान, डा. नेमसिंह, डा. प्रेमासिंह, धारा सिंह इन्दौलिया, मुकेश चौधरी, सत्यप्रकाश चौधरी, कुन्दन सिंह लोधी आदि का कहना है कि प्रशासन को फसलों के नुकसान का आकलन करना चाहिए।
एत्मादपुर क्षेत्र के रहनकलां, गढ़ी सम्मपति, रायपुर, गढ़ी हरपाल, अगवार, गढ़ी बच्ची, नगला तुलसी, नगला लाले व बरहन क्षेत्र के गांव खेड़ी, अहारन, कुरगंवा, बांस सुंदर, बुर्जअतिबल आदि क्षेत्रों में कोहरे की धुंध हटते ही, आलू और सरसों की फसल पर पाले की चादर बिछ गई। गुरुवार सुबह कहीं कहीं तो किसानों को आलू की फसल ही दिखाई नहीं दे रही थी। पाला बर्फ जैसा जमने से सरसों की फली में दाने की जगह पानी निकल रहा है। आलू के पौधे मुरझा गए हैं। किसान दिगम्बर सिंह, नरायन दत्त उपाध्याय, सुनील तिवारी, दलवीर सिंह, श्यामसुंदर, दिनेश धाकरे, पन्ना लाल आदि ने बताया कि आलू की फसल पर काफी नुकसान है। गेहूं की फसल पर पाले का प्रकोप कम है लेकिन लगातार पाला पड़ा तो भारी नुकसान होगा।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक शुक्रवार को भी सुबह पाला पड़ेगा, हालांकि दोपहर में धूप निकलेगी, लेकिन तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है। शनिवार से सुबह घने कोहरे के छाए रहने के आसार हैं। मकर संक्रांति से मौसम के तेवरों में बदलाव का अनुमान है।
यूं रहा सर्दी का सितम
दिन अधिकतम न्यूनतम
12 जनवरी 17.8 1.7 डिग्री
11 जनवरी 18.3 0.8 डिग्री
10 जनवरी 21.1 4.3 डिग्री
9 जनवरी 21.1 7.9 डिग्री