एसटीएफ ने दीप्ति मामले में बीएसए से लिए साक्ष्य
शिक्षिका और अनुदेशिका की तलाश में कोतवाली पुलिस के साथ जुटी एसटीएफ
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात अनुदेशिका की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। एसटीएफ ने बीएसए विजय प्रताप सिंह से पूर्व में कराई गई जांच के दौरान मिले साक्ष्य प्राप्त किए। अब शिक्षिका और अनुदेशिका को साक्ष्यों के आधार पर तलाश किया जाएगा।
फर्जी शिक्षिका अनामिका शुक्ला मामले के बाद जिले में संज्ञान में आए दीप्ति प्रकरण की जांच भी एसटीएफ ने अपने हाथ में ले ली है। बीएसए विजय प्रताप सिंह के प्रयास के बाद एक सप्ताह के अंदर ही इस पूरे मामले का खुलासा हो चुका है। कस्तूरबा करहल में शिक्षिका के रूप में कार्य करने वाली दीप्ति और उच्च प्राथमिक विद्यालय जमौरा बेवर में तैनात अनुदेशिका दीप्ति की संविदा समाप्त की जा चुकी है। बीएसए के निर्देश पर खंड शिक्षाधिकारी ने थाना कोतवाली में मामले की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी है। अब कोतवाली पुलिस के साथ ही एसटीएफ ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है। एसटीएफ ने बीएसए विजय प्रताप सिंह से उनके द्वारा कराई गई जांच में मिले साक्ष्य प्राप्त किए हैं।
शातिर पुष्पेंद्र से जुड़ा हुआ है मामला
सूत्रों की मानें तो जिले का फर्जी शिक्षिका और अनुदेशिका दीप्ति प्रकरण भी अनामिका शुक्ला प्रकरण के मास्टर माइंड पुष्पेंद्र उर्फ राज से ही जुड़ा हुआ है। सूत्र बताते हैं कि पुष्पेंद्र ने ही सात साल पहले अनुदेशिका दीप्ति की नौकरी लगवाई थी। उसने ही एक साल पहले कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय करहल में पूर्ण कालिक शिक्षिका दीप्ति की भी तैनाती कराई है।