मैनपुरी। अनामिका शुक्ला फर्जी शिक्षिका मामले के मास्टर माइंड की जडे़ं बहुत ही गहरी हैं। बीएसए कार्यालय के सूत्रों की मानें तो उसे पिछले सात वर्ष में हुई शिक्षक भर्ती, अनुदेशक आदि की प्रत्येक काउंसलिंग में किसी ने किसी के साथ आते-जाते देखा गया है। वह भर्ती के दौरान अधिकतर महिला अभ्यर्थियों के साथ ही आया है।
अनामिका शुक्ला फर्जी शिक्षिका मामले के मास्टर माइंड की फोटो अखबारों में छपी तो इसकी चर्चाएं और बढ़ गर्ईं। बीएसए कार्यालय के सूत्र बताते हैं कि पुष्पेंद्र पिछले सात वर्ष में जब भी कोई काउंसलिंग हुई तो किसी ने किसी लड़की को लेकर यहां आया है और उसे अपनी बुआ, भतीजी या बहन बताता था।
अब जब शासन ने सभी शिक्षक भर्तियों की जांच के आदेश दिए हैं तो बड़ा खुलासा होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। माना जा रहा है कि कई शिक्षिकाओं को भी पुष्पेंद्र ने नौकरी दिलवाई है। उनके अभिलेखों की सत्यता अब जांच के बाद ही पता लग सकेगी। फिलहाल अब लोगों की नजर शासन के निर्देश पर गठित टीम पर है जिसका प्रभारी एसडीएम को नियुक्ति किया गया है।