शबनम के अधिवक्ता अरशद अंसारी ने बताया कि जिला जज द्वारा अपना आदेश हाईकोर्ट भेजा जाएगा, जहां से डेथ वारंट जारी होगा। बता दें कि शबनम को फांसी की सजा को देखते हुए पिछले वर्ष 2020 फरवरी में मथुरा जेल में पवन जल्लाद आया था और उसने महिला फांसीघर का निरीक्षण किया था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि अभी इस प्रकरण में जेल में कोई गतिविधि नहीं है।
सलीम हुआ मथुरा जेल से स्थानांतरित
शबनम के साथ फांसी सजा पाने वाले उसका प्रेमी सलीम मथुरा जेल में ही बंद था। कुछ दिन पूर्व उसे मथुरा जेल से आगरा सेंट्रल जेल स्थानांतरित किया गया जहां से उसे फतेहगढ़ भेजा गया था।
30 गवाहों ने दी थी गवाही
अमरोहा निवासी शबनम के वकील अरशद अंसारी ने बताया कि केस में 30 गवाहों ने गवाही दी थी, जिसमें कोई चश्मदीद नहीं था। मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने दोनों को अभियुक्त माना था। केस में दोनों के खिलाफ अन्य कोई सबूत नहीं मिले थे। उसके बाद भी पुलिस ने हत्या का जिम्मेदार माना। पुलिस की जांच में कई बड़ी कमियां मिली हैं।