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‘अमृत’ का उपहार, हर घर जलधार

Wed, 04 May 2016 01:35 AM IST
अमर उजाला अागरा
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पानी की किल्लत - फोटो : शशिभूषण वैद्य/अमर उजाला, गुढ़ा (ललितपुर)
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शहर को जल संकट से उबारने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। एक तरफ गंगाजल लाने की योजना पर जोरों से काम चल रहा है तो दूसरी ओर हर घर तक जलसंस्थान की पाइप लाइन पहुंचाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। इसके लिए अटल मिशन फॉर रिजूवेशन एंड अरबन ट्रांसफोर्मेशन (अमृत) योजना के तहत जल निगम ने 13 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। छह मई को लखनऊ में होने वाली स्टेट लेबल बैंकिंग कमेटी (एसएलबीसी) की बैठक में इस पर मंथन होगा।
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बता दें कि अमृत योजना के तहत शहर के लिए यह पहला प्रस्ताव भेजा है। यदि राज्य सरकार इसे हरी झंडी दे देती है तो इस योजना के अंतर्गत दूसरे प्रस्तावों को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अंतर्गत शहर की जलापूर्ति पर 743 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। पहले चरण में जल निगम ने हर घर का कनेक्शन करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें रोड कटिंग और बाद में मरम्मत, पाइप लाइन डालने व पाइप खरीदने, मजदूरी आदि पर खर्च शामिल है। जल निगम के इंजीनियरों ने लखनऊ स्थित अपने मुख्यालय यह प्रस्ताव भेज दिया है। बता दें कि शहर के अधिकांश ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पाइप लाइन तो हैं लेकिन घरों में कनेक्शन न होने की वजह से उन्हें पानी नहीं मिल पा रहा है। बता दें कि ‘अमृत’ के अंतर्गत पास होने वाले प्रस्तावों को केंद्र और राज्य सरकार दोनों के सहयोग से मूर्तरूप प्रदान किया जाएगा। 

ये है अमृत योजना
केंद्र सरकार की इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार शहरों के कुछ अनुभागों को चुनेगी और वहां पर बुनियादी सुविधाएं स्थापित करेगी। इस योजना के अंतर्गत जिन कस्बों या क्षेत्रों को चुना जाएगा, वहां बुनियादी सुविधाएं जैसे-बिजली, पानी की सप्लाई, सीवर, सेप्टेज मैनेजमेंट, कूड़ा प्रबंधन, वर्षा जल संचयन, ट्रांसपोर्ट, बच्चों के लिए पार्क, अच्छी सड़कें, हरियाली आदि विकसित की जाएगी। 
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ये है आधार
. यह उसी शहर में लागू होगी, जहां की जनसंख्या एक लाख से ज्यादा है
. उन छोटे शहरों में लागू होगी, जहां से छोटी नदियां गुजरती हैं
. उन पहाड़ी इलाकों व द्वीपों पर लागू होगी, जहां पर्यटन का स्कोप ज्यादा है
. जिन राज्यों की सरकारें इसे अच्छे ढंग से आगे बढ़ाएंगी, उनके लिये बजट आवंटन भी बढ़ाया जाएगा।
. अमृत के अंतर्गत वो परियोजनाएं भी आएंगी, जो जेएनएनयूआरएम के अंतर्गत अधूरी रह गईं
. अमृत के अंतर्गत जेएनएनयूआरएम की अधूरी परियोजनाओं को 2017 तक पूरा किया जाएगा।

जहां पाइप लाइन हैं वहां भी पानी नहीं
शहर के अधिकांश ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पाइप लाइन पहले से डली हुई हैं लेकिन सालों बाद भी उनमें पानी नहीं आया। लोगों ने कनेक्शन भी करा रखे हैं, लेकिन पानी वे पानी को तरस रहे हैं।

यमुनापार को और मिलेगा पानी
आगरा। जल निगम ने नंदलालपुर में ट्यूबवेल के लिए बोरिंग शुरू कर दी है। फिलहाल एक ट्यूबवेल लगाया जा रहा है। इसका काम पूरा होने के बाद दूसरे की तैयारी की जाएगी। यहां तीन ट्यूबवेल लगाए जाने हैं। इसके बाद यमुनापार क्षेत्र में पानी की समस्या पर काफी हद तक समाधान हो जाएगा। लोग यहां पर बोरिंग पर विरोध कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस सुरक्षा ली गई है। 
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