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हंगामे के बीच शहर की सरकार ने 761 करोड़ का बजट किया पेश

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फिरोजाबाद। चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए नगर निगम का 761 करोड़ रुपये का बजट हंगामे के बीच पास हो गया। नगर निगम के सभागार में महापौर की अध्यक्षता वाली कार्यकारिणी समिति की बैठक में बजट पर मुहर लगा दी गई। महापौर नूतन राठौर और नगर आयुक्त विजय कुमार की मौजूदगी में हुई बैठक में कुछ मुद्दों पर विरोध भी दिखा। शहर की सरकार पर मनमानी करने का आरोप भी लगाया। निगम द्वारा पेश किया बजट शहर के विकास, वेतन, पेंशन, प्रकाश व्यवस्था, निर्माण कार्य के साथ अन्य मदों में खर्च किया जाएगा।
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शुक्रवार दोपहर 12 बजे मेयर नूतन राठौर की अध्यक्षता में सदन की कार्रवाई शुरू की गई। सदन के शुरू होते ही भाजपा और सपा समर्थित पार्षदों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। करीब आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा। अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया। इसके बाद लेखाधिकारी योगेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 2021-22 हेतु प्रस्तावित राजस्व, पूंजी एव उचंत लेखों की कुल आय 597.3 करोड़ रुपये अनुमानित है। प्रारंभिक अवशेष को सम्मिलित करते हुए नगर निगम की सफल आय 761 करोड़ 67 लाख है। इसमें से 517 करोड़ 27 लाख रुपये विभिन्न मदों में खर्च करने के साथ ही 244 करोड़ 40 लाख रुपया अंतिम अवशेष रहेगा। इसे सदन ने सर्वसम्मति से पास कर दिया। इस दौरान नगर आयुक्त विजय कुमार, अपर नगर आयुक्त शिव सिंह, महाप्रबंधक रामबाबू राजपूत, पार्षद आनंद अग्रवाल, अजय अग्रवाल, देश दीपक यादव के साथ नगर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
मंगल बाजार और चूड़ी बाजार से टैक्स वसूली का उठा मुद्दा
पार्षदों ने ओवर ब्रिज के नीचे लगने वाले मंगल बाजार और रसूलपुर क्षेत्र में लगने वाले चूड़ी बाजार में कुछ लोगों द्वारा अवैध वसूली का मुद्दा भी उठाया। कहा कि इससे दुकानदारों का आर्थिक शोषण हो रहा है। यदि नगर निगम टैक्स वसूली करने लगे तो दुकानदारों को दिक्कतें नहीं होंगी और नगर निगम की आय में इजाफा होगा।
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पैचवर्क के नाम पर अधिकारियों पर लगे मनमानी के आरोप
गड्ढों को भरने के लिए करीब पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। पार्षद मोहित अग्रवाल ने विरोध करते हुए कहा कि इस कार्य को अधिकारी मनमाने तरीके से करा रहे हैं। पैचवर्क करने के लिए टीम दोपहर के बाद आती है। रोस्टर के हिसाब से भी पैचवर्क करने वाली टीम कार्य नहीं कर रही है।
ये मुद्दे भी उठे सदन में
- नामित पार्षद आनंद अग्रवाल ने सदन में महापौर से पूछा कि स्वच्छता अभियान (आईटीपीसीआर) में 2020-21 में वास्तविक व्यय एक करोड़ सात लाख रुपये किया गया जबकि इस बार 20 करोड़ रुपये रखा गया। इसमें साफ-सफाई पर एक भी रुपये खर्च नहीं होता। इसका जवाब अधिकारी नहीं दे सके।
- पार्षद अजय अग्रवाल ने महापौर से सदन में पूछा कि गृहकर और जलकर जब अलग से लिया जाता है तो जलमूल्य आखिर सालाना हर घर से 900 रुपये क्यों लिया जा रहा है। इस पर नगर निगम की आमदनी की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया गया।
इन योजनाओं को भी मिलेगा बजट
बजट में सबसे ज्यादा फोकस स्मार्ट सिटी को दिया गया है। राज्य स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर को स्मार्ट बनाने के लिए इस बार नगर निगम 100 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके साथ ही अंत्येष्टि स्थल के लिए 50 लाख रुपये, नर्सरी और पौधरोपण के लिए 30 लाख रुपये, जर्जर सामुदायिक भवन के रखरखाव के लिए 30 लाख रुपये बजट में रखे गए हैं। नगर निगम के बदहाल शौचालय को दुरुस्त रखने के लिए 50 लाख रुपये, सांस्कृतिक प्रोत्साहन, खेलकूद पर 20 लाख, शहर में नगर निगम की ओर से मेले आदि लगाने के लिए दस लाख रुपये का बजट रखा है। वहीं नगर निगम स्टाफ की वर्दी के लिए 25 लाख रुपये का बजट आवंटित किया है।
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वित्तीय वर्ष 2021-22 का मूल बजट
प्रारंभिक अवशेष (अनुमानित) - 164 करोड़
वर्ष की कुल अनुमानित आय -597 करोड़
कुल योग - 761 करोड़
अनुमानित व्यय - 517 करोड़
अनुमानित अंतिम अवशेष - 244 करोड़
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