घने कोहरे में एंबुलेंस डिवाइडर से टकरा कर पलट गई। हादसा इतना दर्दनाक था कि देखने वाले भी लोग दहल गए। चालक का शव एंबुलेंस में बुरी तरह फंस गया, जिसे तीन घंटे बाद निकाला जा सका।
एटा के थाना पिलुआ क्षेत्र में हाईवे पर स्थित नगरिया मोड़ फ्लाईओवर के ऊपर रविवार की रात करीब 10.30 बजे निजी एंबुलेंस गोवंश को बचाने के चक्कर में डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में एंबुलेंस पूरी तरह से चकनाचूर हो गई और कानपुर के चालक की मौत हो गई। उसको करीब 3 घंटे में निकाला जा सका।
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जिला कानपुर नगर के थाना अरौल क्षेत्र के गांव खडैंचा निवासी एंबुलंस चालक कमलेश यादव (35) की मौत हुई है। बहनोई गंगा निवासी रामखेड़ा थाना छिबरामऊ जिला कन्नौज ने बताया कि दिल्ली स्थित एक निजी अस्पताल में एंबुलेंस लगाकर कमलेश चला रहा था। दिल्ली से बिहार के युवक के शव को छोड़ने के लिए गया था। वहां से लौटकर तीन दिन तक घर पर रहा। सोमवार की रात को दिल्ली के लिए ईको कार से बनी एंबुलेंस को लेकर निकला था। लेकिन यहां आकर हादसा हो गया और उसकी जान चली गई। बताया कि गोवंश की वजह से एंबुलेंस डिवाइडर से टकराई है।
थानाध्यक्ष दिनेश सिंह ने बताया कि हादसा होने की जानकारी पेट्रोलिंग व गश्त कर रही टीम ने रात में ही दी थी। तब मौके पर पहुंचे। एंबुलेंस पूरी तरह से चकनाचूर हो चुकी थी। इसमें फंसे चालक के शव को निकालने में करीब 3 घंटे का समय लगा। उसके पास मिले दस्तावेजों से पहचान हुई। तब परिजन को हादसा होने की सूचना दी गई। सोमवार तड़के परिजन पहुंच गए और शव का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें सौंप दिया है।