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गजब का हाल: एनआईआरएफ रैंकिंग से आंबेडकर विवि बाहर, पहली बार किया था आवेदन

Tue, 13 Aug 2024 09:17 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का हाल भी गजब का है। पहली बार नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क के लिए आवेदन किया, लेकिन हाथ कुछ भी नहीं लगा। वहीं दयालबाग विश्वविद्यालय 150 रैंकिंग के भीतर है। 
 
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय - फोटो : संवाद
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विस्तार
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के हाथ नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में खाली रहे। पहली बार विश्वविद्यालय उच्च शिक्षण संस्थानों को दी जाने वाली रैंकिंग की लाइन में था। शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को एनआईआरएफ 2024 को जारी कर दिया। इसमें शहर के दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट को लगातार दूसरी बार टॉप 150 में स्थान मिला है।
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देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों को शिक्षा मंत्रालय की ओर से रैकिंग दी जाती है। एनआईआरएफ रैकिंग विभिन्न स्तर पर संस्थान, विवि में हुए कार्यों के आधार पर प्रदान की जाती है। शिक्षा मंत्रालय की ओर से रैंकिंग की शुरुआत 2015 में की गयी थी। इसके बाद पहली बार उच्च शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों को 2016 में रैकिंग मिली। रैकिंग की शुरुआत होने के बाद से 2023 तक विश्वविद्यालय ने इसके लिए आवेदन तक नहीं किया।

 

एनआईआरएफ के लिए अभी तक शहर के सिर्फ दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट ही आवेदन करता था। हालांकि 2024 की रैकिंग के लिए विवि ने हिम्मत दिखाते हुए पहली बार आवेदन किया। आवेदन के साथ ही विवि एनआईआरएफ परीक्षा में शामिल हो गया। सोमवार को जब शिक्षा मंत्रालय ने विवि को परिणाम दिया तो उसमें विवि को कोई रैंक नहीं मिल सकी। शिक्षा मंत्रालय ने विभिन्न श्रेणी में टॉप 100 संस्थानों को रैंक दी है। इसके बाद 101 से 150 और 151 से 200 बैच में संस्थानों को रखा गया है। आंबेडकर विवि इसमें स्थान नहीं बना सका। जबकि दयालबाग विवि 101 से लेकर 150 वाली श्रेणी में शामिल है। प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में सिर्फ लखनऊ यूनिवर्सिटी टॉप 100 में स्थान बना सकी। लखनऊ विवि को 97वीं रैंक मिली है।

 

नहीं सुधरे हालात
एक ओर दयालबाग विवि है तो दूसरी ओर डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि यहां सत्र से लेकर परीक्षा परिणाम, अंक तालिका से लेकर डिग्री तक हर मोर्चे पर छात्र-छात्राओं को संघर्ष करना पड़ता है। विवि के दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति आनंदी बेन ने कहा था कि इस साल यह अंतिम दीक्षांत समारोह है। साल 2024 में यह प्रदेश के विवि में सबसे पहले होना चाहिए। लेकिन अभी आधा अगस्त बीतने के बाद भी विवि के वेब पंजीकरण चल रहे हैं।

 

डीईआई ने दो वर्गों में किया था आवेदन
एनआईआरएफ रैकिंग में दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट को विवि कैटेगिरी में टॉप 150 में स्थान मिला है। वहीं इंजीनियरिंग कैटेगिरी में संस्थान टॉप 200 में रहा है। शिक्षा मंत्रालय की ओर से एनआईआरएफ 2024 की विभिन्न कैटेगिरी में रैंकिंग जारी की गयी है। रैंकिंग के लिए हर बार की तरह इस बार भी डीईआई की ओर से दो कैटेगिरी में रैकिंग के लिए आवेदन किया। इसमें दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीईआई) को इंजीनियरिंग कैटेगिरी में टॉप 200 में स्थान मिला है। संस्थान को 151-200 के ब्रेकेट में रैंक दी गयी है। वहीं यूनिवर्सिटी कैटेगिरी में भी संस्थान को 101-150 में जगह मिली है। इस तहर से संस्थान देश के टॉप 150 संस्थानों में शामिल हुआ है।

 
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सुधार के लिए प्रतिबद्ध
दयालबाग शिक्षण संस्थान के निदेशक सी पटवर्धन ने बताया कि कड़ी मेहनत और लगन से दयालबाग शिक्षण संस्थान ने अपनी रैंकिंग को बरकरार रखा है। इसमें और सुधार के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। कोशिश करेंगे कि साल 2025 में हम टॉप 100 में स्थान बना सकें।
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