डॉ.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध तमाम राजकीय व एडेड कॉलेजों के शिक्षक इस वर्ष पढ़ाने से ज्यादा परीक्षा कराने में व्यस्त हैं। लगातार एक के बाद एक परीक्षाएं हो रही हैं। परीक्षाओं की वजह से कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं। कोर्स पूरा नहीं हो पा रहा है।
चालू वर्ष में 29 अप्रैल से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्नातक और परास्नातक कोर्स की परीक्षाएं शुरू हुईं और यह 15 जून को समाप्त हुईं। 10 जून से 11 जुलाई तक ग्रीष्मकालीन अवकाश हो गया। 12 जुलाई से स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों की मुख्य परीक्षाएं शुरू करा दी गईं। अगस्त में परीक्षाएं खत्म हुईं। मुख्य परीक्षा खत्म होने के तत्काल बीएड की परीक्षाएं शुरू हुईं। बीएड परीक्षा खत्म होने के बाद एलएलबी और बीएएलएलबी की परीक्षाएं शुरू करा दी गई हैं, जो कि अभी भी चल रही हैं। परीक्षाओं में शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक के रूप में ड्यूटी देनी पड़ रही है। परीक्षाओं के दौरान कक्षाएं नहीं लग पातीं।
अब स्नातक द्वितीय व चतुर्थ सेमेस्टर व परास्नातक द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा 22 सितंबर से कराए जाने की घोषणा के बाद शिक्षक परेशान हैं। कोर्स पूरा नहीं हो पाया है। शिक्षकों को परीक्षा की ड्यूटी से ही फुर्सत नहीं मिली। कुछ कॉलेजों ने अप्रैल में स्नातक की प्रथम और तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा शुरू होने से पहले द्वितीय व चतुर्थ सेमेस्टर की कक्षाएं लगाना शुरू कर दिया था। इससे कोर्स कुछ खिंच गया। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन का तर्क है कि विभिन्न पाठ्यक्रमों के विलंब चल रहे सत्रों को पटरी पर लाने के लिए लगातार परीक्षाएं कराई गईं। आगे सत्र बिल्कुल नियमित हो जाएगा। निर्धारित समय पर ही परीक्षाएं करा ली जाएंगी।
परीक्षा केंद्र बनकर रह गए एडेड कॉलेज
विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (औटा) के महामंत्री डॉ. भूपेंद्र चिकारा ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने एडेड कॉलेजों को पूरी तरह से परीक्षा केंद्र बना दिया है। शिक्षकों को पढ़ाने के लिए समय नहीं मिल रहा है। जबकि शिक्षक का मूल काम पढ़ाना है। यह विषय विश्वविद्यालय के अधिकारियों के समक्ष रखा गया है।