#हिंदीहैंहम: संवाद कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने रखे विचार
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हिंदी आपस में मेलजोल बढ़ाती है। सुहागनगरी के कई होनहारों ने पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से की, लेकिन उनको सम्मान हिंदी के कारण मिला। वह कहते हैं कि हिंदी एक दूसरे को जोड़ने का काम करती है। हिंदी के मंच पर जाने के दौरान यह लोग खुद को भी गौरवान्वित महसूस करते हैं। अमर उजाला द्वारा व्हाट्सएप पर हुए संवाद के दौरान हिंदी के जानकारों ने अपनी राय रखी।
अंग्रेजी माध्यम से स्कूल से पढ़ाई करने वाली दाऊदयाल कॉलेज की मनोविज्ञान विभाग की प्रवक्ता डॉ. निधि गुप्ता कहती हैं कि मैने भले ही अंग्रेजी माध्यम स्कूल से पढ़ाई की, लेकिन हिंदी से मेरा लगाव शुरू से रहा। हिंदी हर किसी को जोड़ने का काम करती है। हिंदी में काव्यपाठ करने कई मंचों पर पहुंची, गंगा-जमुनी तहजीब को आगे बढ़ाने का काम हिंदी करती है।
डॉ. निधि कई हिंदी मंचों पर सम्मानित हो चुकी हैं। साहित्य सृजन संस्था में उपाध्यक्ष इसीलिए बनीं ताकि हिंदी को आगे बढ़ा सकूं। हिंदी में कविताएं लिखने का लगाव बढ़ा है। आने वाली पीढ़ी का हिंदी के प्रति रुझान बढ़े इसके लिए प्रतियोगिताएं भी कराई हैं।