ये बोले ग्राम प्रधान
बछेला-बछेली के प्रधान रोहणी शाक्य ने बताया कि ग्राम पंचायत बछेला-बछेली में 32 हैंडपंपों में मात्र पांच ही काम कर रहे हैं। टीटीएसपी खराब हैं। कुछ हैंडपंपों को मिनी सबमर्सिबल पंप में तब्दील कराके पेयजल की व्यवस्था करा रही हूं। प्रशासन को पेयजल की किल्लत का स्थायी समाधान कराना चाहिए। कठफोरी के प्रधान हेमंत प्रताप बघेल ने कहा कि उनकी ग्राम पंचायत में 33 हैंडपंप स्थापित हैं। भूगर्भ जल नीचे चले जाने के कारण अधिकांश खराब है। गांव में पानी की समस्या को ध्यान में रखते हुए बड़ी पेयजल टंकी स्थापित कराई जाए। जिससे पीने के पानी मुहैया हो सके। पेयजल की किल्लत दूर कराने के लिए प्रयासरत हूं।
गर्मी में परेशान ग्रामीण
शेखपुरा के रहने वाले सहदेव यादव ने बताया कि पेयजल टंकी के चालू नहीं होने के कारण ग्रामीणों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। खराब टंकी को चालू कराने की दिशा में पहल करनी चाहिए। जिससे गर्मी के मौसम में पानी मुहैया हो सके। नयाबांस निवासी मनोज कुमार ने कहा कि बिजौली की पानी की टंकी के खराब होने के कारण ग्रामीण जनता को सही हैंडपंप या फिर सबमर्सिबल पंप संचालकों के यहां से पानी लाने को मजबूर होना पड़ता है। टंकी को ठीक कराने से बिजोली के साथ अन्य गांवों के ग्रामीणों को राहत मिलेगी।
मांगी गई खराव हैंडपंपों की रिपोर्ट
जिला पंचायत राज अधिकारी नीरज कुमार सिन्हा ने कहा कि ग्रामीण अंचल में खराब टीटीएसपी के साथ-साथ खराब हैंडपंपों की रिपोर्ट जिले के सभी एडीओ पंचायत के माध्यम से मंगाई गई थी। खराब टीटीएसपी और हैंडपंपों की मरम्मत कराए जाने के निर्देश सभी सचिवों को दे दिए हैं। जिससे ग्रामीण अंचल में पानी की किल्लत नहीं होने पाए। फिर भी कहीं दिक्कत होगी तो इस परेशानी को दूर कराया जाएगा।