यह है मामला
कोतवाली पुलिस की हिरासत में 9 नवंबर 2021 को 20 वर्षीय युवक अल्ताफ की मौत हुई थी। पुलिस का कहना था कि अल्ताफ ने हवालात के टायलेट में टंकी के पाइप पर जैकेट की डोरी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली, लेकिन पुलिस की यह थ्योरी परिवार के गले नहीं उतरी। उन्होंने पुलिस पर हत्या करने का आरोप लगाया।
परिवार की ओर से ये लोग रहे मौजूद
अल्ताफ के शव को कब्र से बाहर निकालने की कार्रवाई के दौरान परिवार की ओर से पांच लोग मौजूद रहे। जिसमें पिता चांद मियां, दानिश, इरफान, दिलशाद एवं आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष विशाल शामिल हैं।
चुनाव में भी गूंज रहा अल्ताफ का नाम
अल्ताफ की मौत के बाद इस मामले में जमकर राजनीति हुई। समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस, आजाद समाज पार्टी के नेता यहां आए और अल्ताफ के घर पहुंचे। योगी सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। इन दिनों चुनावी रैलियों में भी अलग अलग राजनीतिक दल अल्ताफ की मौत के मामले का जिक्र कर रहे हैं।
एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार अल्ताफ के शव को कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम के लिए एम्स भेजा गया है। चिकित्सकों की टीम व विवेचक सीओ शव लेकर रवाना हो गए।