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UP: आगरा के इस रेस्टोरेंट में मिलता है ना सिर्फ घर जैसा खाना, बल्कि महिला सशक्तीकरण की भी दिखती है झलक

Thu, 17 Aug 2023 01:58 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा के इस रेस्टोरेंट में ना सिर्फ घर जैसा खाना मिलता है, बल्कि महिला सशक्तीकरण की भी झलक दिखती है। फास्ड फूड से परहेज करने वाले लोगों के लिए यह रेस्टोरेंट अच्छा विकल्प है। 
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UP: आगरा के इस रेस्टोरेंट में मिलता है घर जैसा खाना। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ताजनगरी आगरा में प्रदेश और देश ही नहीं दुनियाभर से पर्यटक आते हैं। ऐसे में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है 'खाना क्या खाएं'। कई लोग बीमारी से ग्रसित होते हैं। उन्हें तला हुआ और अन्य तरीके के फास्ट फूड खाने से परहेज करना होता है। ऐसे लोगों के लिए घर जैसा भोजन देने वाला 'नुक्कड़ रेस्टोरेंट' बिल्कुल ठीक बैठता है। 

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'नुक्कड़ रेस्टोरेंट' का उद्देश्य लोगों को घर जैसा अच्छा भोजन उपलब्ध कराना है। इसकी खास बात यह है कि यहां सभी घरेलू महिलाएं काम करती हैं। इसको चलाती भी एक घरेलू महिला ही हैं। घर में खाना बनाकर लोगों की सेहत का ध्यान रखने वाली महिलाएं अब लोगों के लिए खाना बना रही हैं। वह भी बिल्कुल किफायती दाम पर। 

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यह रेस्टोरेंट अच्छा खाना उपलब्ध कराने के साथ ही महिला सशक्तीकरण का भी अच्छा उदाहरण है। यहां सिर्फ महिलाएं काम करती हैं। ऐसी महिलाएं जो बेरोजगार होने के साथ-साथ टेक्निकल रूप से हुनरमंद नहीं थीं। वह घर में सिर्फ खाना बनाती थीं। आज यह महिलाएं अपने खाना बनाने के गुर से समाज में आत्मसम्मान के साथ जीवनयापन कर रही हैं। 

नुक्कड़ में शुरू किया रेस्टोरेंट

नुक्कड़ रेस्टोरेंट चलाने वाली भावना कौर बताती हैं कि एक छोटे से नुक्कड़ से शुरू किया था। आज देखते ही देखते उनके रेस्टोरेंट का खाना लोगों को खूब भी रहा है। नुक्कड़ से शुरू किया इसलिए नुक्कड़ रेस्टोरेंट नाम रख दिया। उन्होंने बताया कि उनके पति का इलेक्ट्रॉनिक का बिजनेस था। बिजनेस अच्छा नहीं चल रहा था। उसमें घाटा होने लगा और कर्ज बढ़ गया। इसके बाद पति-पत्नी दोनों ने मिलकर एक नुक्कड़ में खाना बनाकर लोगों को खिलाने का काम शुरू किया।

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घरेलू महिलाओं को बना रहीं आत्मनिर्भर 

भावना ने बताया कि शुरू में एक-दो लोग आते थे। लेकिन हमने हिम्मत नहीं हारी। दिन रात मेहनत करके रेस्टोरेंट को खड़ा किया। उन महिलाओं को काम दिया, जो कि ना ही प्रोफेशनल कुक हैं और ना ही कोई प्रोफेशनल कोर्स किया है। रेस्टोरेंट में काम करने के लिए घरेलू  महिलाओं को रोजगार दिया है। जिन्हें कोई अपने यहां पर काम भी नहीं देता था। उन्हें भावना ने सहारा दिया। 

मिलता है घर जैसा भोजन

बताया कि आज लोग हमारे यहां का खाना पसंद कर रहे हैं। इस रेस्टोरेंट में 80 रुपये में घर जैसा सादा भोजन मिलता है। खाना ना ही ज्यादा स्पाइसी होता है और ना ही ज्यादा ऑयली। इसे खा कर लोग घर जैसे खाने का अनुभव करते हैं। 

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