कार्यशाला को संबोधित करते सुनील चौधरी
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वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आगरा में ताजमहल पर सबसे ज्यादा पर्यटक आते हैं। वह ईको टूरिज्म से जुड़ सकें, इसलिए कीठम से लेकर चंबल और लॉयन सफारी के सर्किट को प्रचारित करें। आगरा के पर्यटन उद्यमियों ने चंबल सर्किट को लॉन्च करने का स्वागत किया और नेचर गाइड, इन्फ्रास्ट्रक्चर के जरिए इसके प्रोत्साहन का भरोसा दिलाया।
ये है चंबल सर्किट में शामिल
पहला सर्किट
- ताज नेचर वॉक
- नेशनल चंबल सेंक्चुरी
- नदगवां का नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर
- इटावा लॉयन सफारी
दूसरा सर्किट
- ताज नेचर वॉक
- सूर सरोवर पक्षी विहार
- भालू संरक्षण केंद्र, कीठम
- हाथी संरक्षण केंद्र, चुरमुरा
सौ मीटर दायरे में है सभी
अपर प्रधान वन संरक्षक सुनील चौधरी ने बताया कि शेर, हाथी, भालू, हिरन, घड़ियाल, मगरमच्छ, विदेशी प्रवासी पक्षी, ये सब आगरा के 100 किमी दायरे में हैं। पर्यटकों की सुविधा के लिए इस सर्किट में उनकी जरूरत के मुताबिक इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करेंगे, ताकि पक्षियों, जानवरों की रोमांचक दुनिया को पर्यटक देख सकें।
प्राकृतिक स्थलों की खूबसूरती भी
डीएफओ अखिलेश पांडेय ने कहा कि मुगलिया विरासत के साथ प्राकृतिक स्थलों की खूबसूरती देखने के लिए यह सर्किट शुरू किया गया है। ताज नेचर वॉक से ताज की खूबसूरती अनूठी है। इसी तरह कीठम झील, भालू संरक्षण केंद्र, लॉयन सफारी पर्यटन का बड़ा केंद्र बनें, इसका प्रयास है।
पर्यटक आगरा में तीन दिन रुकेंगे
यूपी टूरिज्म के उपनिदेशक अमित श्रीवास्तव ने कहा कि ताज देखने वाले पर्यटकों में बड़ा वर्ग ऐसा है जो प्राकृतिक सुंदरता और ईको टूरिज्म देखना चाहते हैं। इसके लिए वह आगरा में तीन दिन तक रुककर स्मारकों के साथ चंबल, लॉयन सफारी, कीठम का भ्रमण कर सकते हैं।