कासगंज जिले में टिड्डी दल के हमले की आशंका को लेकर कृषि विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। टिड्डी दल एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाती हैं। एक किलोमीटर क्षेत्र के झुंड में लगभग लाखों टिड्डियां होती हैं। किसानों को टिड्डी दल के हमले से फसलों के बचाव के लिए जानकारी दी जा रही है। उन्हें जागरूक किया जा रहा है कि वह टिड्डी दल के आक्रमण से फसल को बचाने के लिए किस तरह से उपाय कर सकते हैं।
टिड्डी दल से बचाव को करें ये उपाय
- टिड्डी दल को थाली, ढोल, नगाड़े या लाउडस्पीकर की तेज आवाज से खेत से भगाया जा सकता है।
- टिड्डी दल सुबह 10 बजे के बाद खेत पर डेरा डालता है। इन्हें रोकने के लिए किसान 5 फीसदी मैलाथियान और 1.5 फीसदी क्विनालफास का छिड़काव करें।
- 40 मिली मीटर नीम के तेल को 10 ग्राम कपड़े धोने के पाउडर के साथ 10 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करने से टिड्डी फसलों को नुकसान नहीं पहुंचाती है।
- टिड्डी दल मिट्टी में अंडे देता है। किसान खेतों की गहरी जोताई कर सिंचाई कर दें। इससे दल के प्रकोप की आशंका कम होगी।
जिला कृषि अधिकारी सुमित चौहाल ने कहा कि पिछले वर्ष टिड्डी दल जनपद पहुंचा था। इस बार भी टिड्डी दल के हमले की आशंका है। इसलिए किसानों को सतर्क रहना है। जरूरत पड़ने पर अन्य विभागों का सहयोग लिया जा सकता है। पूरी तरह अलर्ट है।