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उन्नाव मामले पर अखिलेश का योगी सरकार से सवाल, लाठी मारकर जमीन लेना कौन सी संस्कृति

Tue, 19 Nov 2019 12:21 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
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उन्नाव में जमीन अधिग्रहण के चलते किसानों पर किए गए लाठीचार्ज को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि विकास में किसानों की भी हिस्सेदारी होती है, क्योंकि वह अपनी जमीन देते हैं। लाठी मारकर जमीन लेना कौन सी संस्कृति और राष्ट्रवाद है। सोमवार को वह सैनिक स्कूल में आयोजित एनुअल मीट में शामिल होने के बाद पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। 
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उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने भी लखनऊ से आगरा तक एक्सप्रेस वे बनवाया। हमने भी किसानों की जमीन ली, लेकिन उनको उचित मुआवजा दिया। भाजपा सरकार अगर किसानों को उचित मुआवजा नहीं दे सकती है तो वह जमीन वापस कर दे।

आगरा का नाम बदले जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सरकार कभी नंबर बदलती है तो कभी नाम। सरकार काम कब करेगी कोई हमें बताए। उन्होंने कहा कि आज 100 नंबर डायल करने पर 112 नंबर गाड़ी आती है। एंबुलेंस सेवा बदहाल हो चुकी है, गर्भवती महिलाएं अस्पताल नहीं पहुंच पा रही हैं। 
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भविष्य निधि घोटाले पर उन्होंने कहा कि इस बारे में भाजपा से सवाल पूछे जाने चाहिए। किस दिन आईजीआरएस किस बैंक में हुए सरकार बताए। राम मंदिर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सभी ने मान लिया है और सभी को मानना चाहिए। 

2022 में बनेगी सपा की सरकार 
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार से जनता परेशान है। युवा सरकार बदलने के लिए तैयार हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेठी, झांसी और मैनपुरी को सैनिक स्कूल की सौगात केंद्र की कांग्रेस सरकार के सहयोग से प्रदेश की सपा सरकार ने ही दिलाई थी।

मुलायम की जगह पहुंचे अखिलेश 
सैनिक स्कूल में सोमवार को एनुअल मीट का आयोजन किया गया था। अखिलेश यादव ने बताया कि बतौर सांसद मुलायम सिंह यादव विद्यालय के सदस्य हैं। इसलिए वह उनके प्रतिनिधि के रूप में यहां आए हैं। हालांकि सैनिक स्कूल परिसर में प्रोटोकॉल के हिसाब से ही लोगों को प्रवेश की अनुमति थी। प्रोटोकॉल में नाम न होने के कारण करहल विधायक सोबरन सिंह यादव सहित अन्य वरिष्ठ सपा नेताओं को प्रवेश नहीं मिल सका।
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