प्रदेश के अगले चुनाव में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल में गठबंधन की बुनियाद तैयार हो रही है। लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद मुखिया जयंत चौधरी के बीच लंबी बातचीत भी चली है। दोनों में सीट बंटवारे पर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। रालोद ने आगरा की नौ विधान सभा सीट में से चार पर दावा ठोंका है।
रालोद मुखिया ने गठबंधन में आगरा की नौ सीटों में से एत्मादपुर, फतेहपुर सीकरी, आगरा ग्रामीण और खेरागढ़ सीट मांगी हैं। इसके पीछे रालोद का अपना वोट बैंक और पूर्व के सालों में पार्टी की जीत का गणित भी समझाया है। एत्मादपुर और खेरागढ़ में पेंच फंसा है। एत्मादपुर विधान सभा की बात करें तो यहां बसपा छोड़कर आए पूर्व विधायक धर्मपाल सिंह पूरा दमखम लगाए हुए हैं, हाल ही में इन्होंने सपा भी ज्वाइन की है। अपना टिकट लगभग तय मानकर धर्मपाल ने क्षेत्र में सक्रियता भी बढ़ा दी हैं। खेरागढ़ की सीट भी सपा रालोद को नहीं देना चाहती। सपा रालोद को फतेहपुर सीकरी और आगरा ग्रामीण सीट ही देने को राजी है।
सपा अध्यक्ष के साथ रालोद की जो बातचीत अब तक हुई है, उसमें हमने आगरा की 9 में से 4 सीटों पर दावा पेश किया है। आगरा में हमारे प्रत्याशी पहले भी जीत चुके हैं।
कप्तान सिंह चाहर, प्रदेश प्रवक्ता
इन सीटों पर जीते रालोद के प्रत्याशी:
एत्मादपुर: जीपी पुष्कर (2002)
फतेहपुर सीकरी: चौधरी बाबूलाल (2002)
आगरा ग्रामीण: विजय सिंह राना (1980 91)
खेरागढ़ उपचुनाव: अमर सिंह परमार (2005)
फतेहाबाद: महेंद्र रिपुदमन सिंह (1989)
बाह: अरिदमन सिंह (1989)
(जैसा के प्रदेश प्रवक्ता कप्तान सिंह चाहर ने बताया)
मजबूत होगा संगठन
राष्ट्रीय अध्यक्ष जो निर्णय करेंगे वह हमें स्वीकार होगा। नौ सीटों पर तैयारी हो गई है। गठबंधन होने से स्थिति और मजबूत होगी। बूथ स्तर तक जिले में सपा ने कैडर खड़ा कर लिया है। कार्यकर्ताओं में जोश है। 2022 में प्रदेश में सरकार बनाएंगे। -
मधुसूदन शर्मा, जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी