नरेंद्र गिरि सुबह तकरीबन 11 बजे श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचे थे। दोपहर पौने एक बजे तक यहां रहे। उन्होंने जन्मभूमि का भ्रमण किया और श्रीकृष्ण जन्मस्थान संस्थान के सचिव कपिल शर्मा और सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी से जन्मभूमि से जुड़े मुकदमों की जानकारी ली।
‘हरिद्वार कुंभ से पहले संतों की बैठक की परंपरा का पालन होगा’
श्रीकृष्ण जन्मभूमि के बाद चिंतामणि कुंज पहुंचे अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि का संतों ने स्वागत किया। नरेंद्र गिरि ने कहा कि वृंदावन में हरिद्वार कुंभ से पहले वैष्णव संप्रदाय के महात्मा, संतों की बैठक की जो परंपराएं हैं, उनका पालन किया जाएगा। इससे हट कर कोई काम नहीं किया जाएगा।
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