बल्केश्वर के रहने वाले शशांक नीरज कवि गोपालदास नीरज के पुत्र हैं। उन्होंने फोन पर बताया कि वह इंजीनियर बेटे असीम शिखर और एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही बेटी विदुषी नीरज के साथ घूमने के लिए 16 जून को जाॅर्जिया आए थे। 22 जून को वहां की राजधानी तिब्लिसी से भारत लाैटना था। इसके लिए एअर अरेबिया की फ्लाइट ली थी। मगर, वो 30 जून तक के लिए निरस्त कर दी गई। 23 जून की शाम 7:40 बजे की इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट में तीनों की टिकट करा ली। शाम को वह फ्लाइट में सवार हो गए। इसमें उनके अलावा तकरीबन 140 भारतीय थे।
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फ्लाइट को कतर के दोहा होते हुए दिल्ली जाना था। मगर, अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों के बाद वहां का एयरस्पेस बंद कर दिया गया। इस कारण जाॅजिया में उनकी फ्लाइट से यात्रियों को उतार दिया गया।
सभी एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। इनमें किसी को दिल्ली तो किसी को मुंबई जाना था। विमानन कंपनी भी यात्रियों को कोई जानकारी नहीं दे पा रही। रात तक उनके सोने की भी व्यवस्था नहीं थी। बस खाने के कूपन दिए गए थे। अब उन्हें यह नहीं पता चल पा रहा है कि अगली फ्लाइट कब मिलेगी।
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