ताजमहल के अघोषित नो फ्लाइंग जोन में सोमवार की शाम बेहद कम ऊंचाई पर विमान ने उड़ान भरी तो उर्स में आए हजारों लोग चौंक उठे। विमान की तेज आवाज और बेहद नीचे उड़ने पर लोगों ने इसके वीडियो बनाए और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। इस मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) से रिपोर्ट मांगी है।
शाहजहां के उर्स के दूसरे दिन सोमवार दोपहर तीन बजे लोग तहखाने में प्रवेश के लिए कतार में थककर बैठे थे कि पश्चिमी किनारे पर यमुना की ओर बेहद नीचे उड़ान भरता विमान का शोर सुनाई दिया। एकदम नीचे उड़ान भरते विमान को देखकर लोग चौंक उठे। यह विमान शमशान घाट की ओर उड़ान भरता हुआ निकल गया।
ड्रोन और विमान की उड़ान पर है पाबंदी
ताजमहल की 500 मीटर परिधि में ड्रोन उड़ान प्रतिबंधित है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा आदेश जारी किया जा चुका है, लेकिन ताजमहल का नो फ्लाइंग जोन कितना है, इसका ब्यौरा किसी के पास नहीं है। वर्ष 2017 में गृह मंत्रालय ने उप्र सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग से रिपोर्ट मांगी थी। ताजमहल की 500 मीटर की परिधि में तीन हजार फुट की ऊंचाई तक नो फ्लाइंग जोन और दो हजार मीटर की परिधि में रेगुलेटेड जोन बनाने पर विचार हुआ था, लेकिन इसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीक्षण पुरातत्वविद राजकुमार पटेल ने बताया कि ताज पर जो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, उनकी जांच में यह पता नहीं चल पाया है कि विमान ताज से कितनी दूर था। इस पर ताज की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के बाद ही कुछ बता सकेंगे।