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जहरीली हुई आगरा की हवा: इन 22 चौराहों पर प्रदूषण बढ़ा, आईएसबीटी सबसे अधिक खतरनाक; ये हैं आंकड़े

Tue, 27 Oct 2026 09:18 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा स्मार्ट सिटी के 39 वायु निगरानी सेंसरों में से 22 के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से मई के बीच पीएम-2.5 प्रदूषण बढ़ा। आईएसबीटी पर इसका औसत 555 दर्ज किया गया, जबकि अधिवक्ता केसी जैन ने सेंसरों का तकनीकी ऑडिट कराकर आंकड़ों की विश्वसनीयता जांचने की मांग की है।
 
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आईएसबीटी मेट्रो स्टेशन। अमर उजाला
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विस्तार
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 शहर की हवा में जहर घुला हुआ है। आगरा स्मार्ट सिटी ने शहर के 39 चौराहों पर वायु निगरानी के लिए सेंसर लगाए हैं। इनमें से 22 पर पीएम-2.5 कणों की मात्रा ज्यादा पाई गई है। जनवरी से मई के बीच के आंकड़ों के आधार पर स्मार्ट सिटी ने नगर निगम को रिपोर्ट भेजी है। इन चौराहों पर ज्यादा प्रदूषण से दमा, खांसी, दिल की बीमारी और बच्चों-बुजुर्गों में सांस की तकलीफ बढ़ने की शिकायतें आ रही हैं।
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शहर में आईएसबीटी पर पीएम-2.5 कणों की मात्रा का औसत इस साल 555, शहीद नगर में 260, धूलियागंज में 232, ईदगाह में 227, दिल्ली गेट पर 213, बाग फरजाना में 84 है। इनमें आईएसबीटी, शहीद नगर, धूलियागंज में सूक्ष्म कण मानक से ज्यादा हैं। केवल बाग फरजाना में ही यह कम मिले। अधिवक्ता केसी जैन ने आगरा स्मार्ट सिटी के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए सभी सेंसरों का तकनीकी ऑडिट कराने की मांग की है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उपकरणों से मानकों का मिलान कराने और आंकड़ों को कैलिब्रेट करने के लिए कहा है। इससे सही आंकड़े सामने आ सकेंगे। 30 दिन में कार्रवाई की रिपोर्ट सार्वजनिक करने और सड़क की धूल, खुले में कूड़ा जलाने, निर्माण स्थलों और जाम पर कार्रवाई की उन्होंने मांग उठाई है।
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