डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के आईईटी में सैमसंग इनोवेशन कैंपस के तहत एआई और जेनरेटिव एआई की ट्रेनिंग शुरू हो गई है। अब तक 850 विद्यार्थी पंजीकरण करा चुके हैं और उन्हें 300 घंटे से अधिक की थ्योरी व प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के शिक्षण में कदम रख दिया है। स्वामी विवेकानंद परिसर खंदारी स्थित आइईटी में सैमसंग इनोवेशन कैंपस के तहत एआई और जेनरेटिव एआई की ट्रेनिंग शुरू की गई है। कुलपति प्रो. आशुरानी ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए अब तक 850 विद्यार्थी पंजीकरण करा चुके हैं, इसमें 300 घंटे से अधिक के थ्योरी और प्रैक्टिकल सत्र होंगे। शनिवार को कोर्स का वर्चुअल माध्यम से औपचारिक उद्घाटन करेंगी।
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प्रो. आशु रानी ने बताया कि एआई के दो स्तर के कोर्स शुरू किए गए हैं। एआई फॉर ऑल कोर्स सभी संकायों के विद्यार्थियों के लिए है। इसमें 18 से 24 वर्ष की आयु के विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं। बीए, बीएससी, बीकॉम समेत गैर-तकनीकी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी भी यह कोर्स कर सकेंगे। वहीं एडवांस्ड एआई कोर्स बीसीए, बीएससी कंप्यूटर साइंस, बीटेक की संबंधित ब्रांच, एमएससी कंप्यूटर साइंस, एमसीए और पीजीडीसीए के विद्यार्थियों के लिए है। विश्वविद्यालय, सैमसंग और स्वदेश संस्था के बीच हुए एमओयू के तहत कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
करीब एक हजार विद्यार्थियों को इससे जोड़ने का लक्ष्य है। कार्यक्रम प्रभारी प्रो. मनु प्रताप सिंह ने बताया कि वर्तमान में प्रशिक्षण के लिए सुबह तीन और शाम को चार कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। एआई फॉर ऑल कोर्स सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य होगा और इसे तीसरे या चौथे सेमेस्टर में करना होगा। प्रेसवार्ता में स्वदेश संस्था के निदेशक डॉ. राजीव निगम भी मौजूद रहे।
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प्रमाणपत्र तक सीमित नहीं रहेगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट, शोध और वास्तविक जीवन की समस्याओं से जोड़ा जाएगा। एआई और जेनएआई के माध्यम से स्थानीय समस्याओं के समाधान तलाशने और नए आइडिया विकसित करने पर भी काम होगा।