कासगंज। मोटे अनाज के लिए सरकार द्वारा प्रोत्साहन दिया जा रहा है। किसानों को इसके लिए प्रेरित करने के लिए बीजों के मुफ्त किटों का वितरण किया जाएगा। जिसमें बाजरा सहित अन्य फसलों के बीज शामिल होंगे। जैसे ही किट विभाग से जिले को उपलब्ध कराया जाएगा, उनका वितरण किसानों में शुरु कराया जाएगा। इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष के रूप में मनाए जाने का शासन ने निर्णय लिया है। इसके लिए मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए किसानों को मुफ्त बीज उपलब्ध कराए जाने की भी योजना है। वहीं फसलों के लिए किसानों को दो दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। मोटे अनाज में गेहूं व चावल की अपेक्षा विटामिंस, फाइबर व अन्य पोषक तत्व अधिक होते हैं। इन बातों से किसानों को जागरूक कर उन्हें मोटे अनाज के उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
दो किलो बीज के होंगे पैकेट
जिले में मोटे अनाज के रूप में बाजार और ज्वार की खेती होती है। इसमें बाजारा लगभग 42 हजार हेक्टेयर में उगाया जाता है। ज्वार की खेती लगभग 1 हजार हेक्टेयर में होती है। जिले में बाजरा के बीज को निशुल्क वितरित किए जाने की तैयारी की जा रही है। एक पैकेट में दो किलो बीज होगा।
कृषि वैज्ञानिक भी करेंगे मदद
किसानों को निशुल्क बाजरा का बीज दिया जाएगा। पहले आओ पहले पाओ के आधार पर वितरण व्यवस्था लागू होगी। किसानों को मोटे अनाज की खेती कर अच्छा उत्पादन प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। वहीं आवश्यकता होने पर किसान कृषि विज्ञान केंद्र पर कृषि वैज्ञानिकों से भी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। कृषि वैज्ञानिक उनकी मदद करेंगे। - सुमित कुमार चौहान, जिला कृषि अधिकारी, कासगंज।