उजाला सिग्नस हेल्थकेयर और रेनबो हॉस्पिटल
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उजाला सिग्नस हेल्थकेयर सर्विस उत्तर भारत के चार राज्यों के 14 छोटे शहरों में विश्वसनीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। आगरा और उसके आसपास के जिलों को भी यह लाभ मिल सके, इसी मकसद से ग्रुप ने रेनबो हॉस्पिटल से करार किया है। इससे शहर के अलाव देहात व आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को भी सुविधा मिलेगी और गंभीर रोगों के इलाज के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।
अस्पताल में 200 बेड की व्यवस्था है। यहां हृदय समेत कई गंभीर रोगों के इलाज के लिए अत्याधुनिक मशीनें और उपकरण लगे हैं। इससे मरीजों को इधर-उधर भटकने के बजाए एक ही छत के नीचे विभिन्न बीमारियां का उच्चस्तरीय इलाज मिलेगा।
उजाला सिग्नस हेल्थकेयर सर्विस के चेयरमैन प्रोबल घोषाल ने कहा कि उजाला सिग्नस का उत्तर भारत के छोटे शहरों में उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रहा है। रेनबो हॉस्पिटल के साथ समझौता इस दिशा में एक और कदम है। इस समझौते से हमारा उद्देश्य एक छत के नीचे सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं से युक्त केंद्र बनाना है। इससे आगरा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
उच्चस्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है मकसद
उजाला सिग्नस हेल्थकेयर सर्विस के संस्थापक निदेशक डॉ. शुचिन बजाज ने कहा कि उजाला सिग्नस हॉस्पिटल्स का मकसद है कि छोटे शहर और ग्रामीणों को कम खर्चे में उच्चस्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है। इस पहल में रेनबो हॉस्पिटल भी सहयोग करेगा। इससे आगरा के अलावा आसपास के जिलों के कस्बों व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी इलाज की बेहतर सुविधा मिल सकेंगी। उन्हें इलाज के लिए अब बड़े शहरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा।
रेनबो हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा ने कहा कि उजाला सिग्नस हेल्थकेयर सर्विस और रेनबो हॉस्पिटल के समझौते से गरीब मरीजों का भला होगा। कम खर्चे पर उनको सेवाएं दी जाएंगी। हृदय, कैंसर, आंख समेत अन्य रोगों का अत्याधुनिक उपकरण-मशीनों से इलाज मिलेगा, जो आसपास के किसी अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं।
'अब इलाज के लिए दिल्ली नहीं जाना होगा'
रेनबो हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने कहा कि आगरा में लंबे समय से चिकित्सा क्षेत्र में विकसित तकनीक की जरूरत थी, जो उजाला सिग्नस हेल्थकेयर सर्विस और रेनबो हॉस्पिटल के करार से पूरा हुआ है। दोनों के साझा प्रयास से आगरा में मरीजों को आधुनिक मशीन और उपकरणों से इलाज मिलेगा। अब दिल्ली जैसे शहरों में नहीं जाना होगा। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के प्रति भी दोनों ग्रुप अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
रेनबो हॉस्पिटल के डॉ. केशव मल्होत्रा और डॉ. निहारिका मल्होत्रा ने कहा कि अकेला व्यक्ति शायद ही किसी बडे़ लक्ष्य को प्राप्त कर पाता है। आमतौर पर यह लोगों के समूह द्वारा प्राप्त किया जाता है। इसमें प्रत्येक व्यक्ति लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध होता है, तब समूह तेजी से आगे बढ़ता है। कुछ नया करना चाहता है और ज्यादा सफल भी होता है।