आगरा में नवरात्र और रमजान में सोमवार को शहर के लोग पानी के लिए तरसने को मजबूर हुए। लोहामंडी, हरीपर्वत, छत्ता और सूर्य नगर से पोषित इलाकों में 5 लाख से अधिक लोग इससे प्रभावित रहे। टैंकर भी नहीं भर पाए। गंग नहर से गंगाजल घटने के कारण सिकंदरा और जीवनी मंडी स्थित जल शोधन संयंत्र ठप हो गए हैं। उधर, जलकल विभाग का दावा है कि जल्द दिक्कत दूर हो जाएगी।
पीपल मंडी से पार्षद रवि माथुर ने बताया कि रविवार शाम को केवल 15 मिनट के लिए नल से पानी टपका। लोग पानी भी नहीं भर पाए। रमजान के दिनों में सुबह-शाम लोगों को पानी की जरूरत है। उधर, नवरात्र में मंदिर जाने के लिए पानी सप्लाई नहीं होने से लोग नहाने व पूजा-पाठ के लिए इंतजार करते रहे। पुराने शहर में सप्लाई ठप रही। पुनिया पाड़ा में पानी के लिए तरस रहे लोगों को 10 दिन बाद भी निजात नहीं मिल सकी है। सोमवार को क्षेत्र में टैंकर भी नहीं पहुंचे। ताजगंज, गोबर चौकी, अर्जुन नगर, नौलक्खा, ट्रांस यमुना, कालिंदी विहार, कमला नगर व बल्केश्वर में भी लोगों को पानी नहीं मिला।
प्लांट हो गए बंद, टैंकर भी खाली
शहरी पेयजल आपूर्ति गंगाजल पर निर्भर है। गंग नहर बुलंदशहर से आगरा को रा-वाटर के रूप में गंगाजल मिलता है। गाद के कारण 150 क्यूसेक गंगाजल घटकर 50 से 60 क्यूसेक रह गया। 90 से 100 क्यूसेक रा-वॉटर घटने से सिकंदरा व जीवनी मंडी स्थित जल शोधन संयंत्र बंद हो गए। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए टैंकर भी नहीं भरे जा सके। जलकल विभाग का दावा है कि आकस्मिक स्थिति में यमुना जल से पानी की सप्लाई की गई है।
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इन इलाकों में बूंद-बूंद का संकट
गोकुलपुरा, अहीर पाड़ा, पुनिया पाड़ा, अशोक नगर, पंचकुइयां, शाहगंज, रुई की मंडी, अर्जुन नगर, बारह खंभा, नौलक्खा, नामनेर, ईदगाह, किशोरपुरा, पीपल मंडी, मोती कटरा, काला महल, जीवनी मंडी, पटेल नगर, बेलनगंज, कचहरी घाट, बल्केश्वर, कर्मयोगी, ट्रांस यमुना, कालिंदी विहार, नरायच में बूंद-बूंद पानी का संकट रहा।
रेलवे कॉलोनी में 10 दिन से पानी नहीं
बिल्लोचपुरा रेलवे कॉलोनी में 10 दिन से पानी की किल्लत है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे के बिल जमा नहीं करने के कारण जलकल विभाग ने सप्लाई बंद कर रखी है। जबकि उनके एचआरए में पानी, बिजली सहित सभी टैक्स काटे जा रहे हैं। रेलवे पर जलकर व जल मूल्य का एक करोड़ रुपया से अधिक बिल बकाया है।