घर पर ही बनाती हूं चाऊमीन, बर्गर
अशोक नगर की रहने वाली अंजलि स्वरूप का कहना है। बच्चों को चाऊमीन, बर्गर, डोसा, इडली पसंद है। आए दिन बाहर खाने जाते थे या फिर घर पर मंगवा लेते थे। महंगाई बढ़ने से इन सब के भी दाम बढ़ गए। इसलिए अब घर पर ही बच्चों को यह सब बनाकर खिलाती हूं।
महीने में एक ही बार जाते है बाहर खाने
भावना स्टेट की रहने वाली कुमुद पांडे कहती है कि बाहर खाना खाना बहुत पसंद है। पहले हम महीने में दो से तीन बार रेस्ट्रोरेंट में खाना खाने जाते थे। लेकिन अब ज्यादा से ज्यादा एक बार ही जाते हैं। महंगाई की वजह से बजट गड़बड़ा गया है। गृहस्थी चल जाए यही बहुत है।
घर पर ही कर लेती हूं कपड़ों पर प्रेस
संजय प्लेस निवासी रितु गर्ग का कहना है कि वह पहले कपडे़ प्रेस करवाने के लिए बाहर देती थी। लेकिन अब समय निकालकर घर पर ही प्रेस कर लेती हूं। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई ने महीने का बजट बिगाड़ दिया है। ऐसे में बचत करना बहुत जरूरी हो गया है।