फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लेडी लॉयल हॉस्पिटल की डॉक्टर ने जहर का इंजेक्शन लगाकर दी जान, इस वजह से थीं परेशान

Wed, 25 Apr 2018 11:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
जांच करने पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
महिला जिला चिकित्सालय (लेडी लॉयल) की डाक्टर मोनिका सिद्धू (32) ने मंगलवार रात खुदकुशी कर ली। उन्होंने अस्पताल के कैंपस में ही स्थित अपने आवास में बेडरूम के अंदर जहर का इंजेक्शन लगा लिया। 
विज्ञापन


हालांकि पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन खुदकुशी की वजह उनकी अपने पति डाक्टर अरविंदर से अनबन चलना मानी जा रही है। अरविंदर भी लेडी लॉयल में हैं। 

मोनिका के पिता अजय कुमार जगदीशपुरा में रहते हैं। मां का निधन हो चुका है। अरविंदर मूल रूप से मथुरा के कोसीकलां के रहने वाले हैं। अजय कुमार का कहना है कि मोनिका की अरविंदर से बन नहीं रही थी। 
विज्ञापन


इसी कारण वह तनाव में रहती थी। पड़ोस के लोगों ने बताया कि वह दो महीने से डिप्रेशन दूर करने की दवाइयां ले रहीं थी। मंगलवार को सुबह से ही बहुत परेशान थीं। दोपहर को दो बजे घर से गई थी। थोड़ी देर में लौट आईं। 

मृतका मोनिका सिद्धू - फोटो : अमर उजाला
फिर चार बजे गए। इसके बाद रात को करीब आठ बजे लौटीं। घर में उनकी सास भी थी। मोनिका सीधे बेडरूम में गईं। गेट बंद कर लिया। थोड़ी देर बाद गेट खोला। 

फिर उनकी सास ने देखा तो बहू बेड पर अचेत पड़ी थी। हाथ में इंजेक्शन लगा रखा था। सीरिंज हटी नहीं थी। उनके शोर मचाने पर आए आस पास के लोग मोनिका को एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी ले गए। 

वहां डाक्टरों ने मृत बताया। अरविंदर का कहना था कि घर की कलह के चलते मोनिका कुछ परेशान थीं। सीओ कोतवाली अब्दुल कादिर का कहना है कि फिलहाल यही वजह सामने आई है कि गृह क्लेश के कारण मोनिका तनाव में थीं।
विज्ञापन

मंगलवार सुबह से ही बहुत बेचैन नजर आ रहीं थीं

डाक्टर मोनिका सिद्धू ने खुदकुशी क्यों की? यह सवाल लेडी लायल से लेकर एसएन मेडिकल कॉलेज तक सबकी जुबान पर है। घटना का पता चलने पर पहुंचे लोग यही कहते रहे कि क्या पति-पत्नी के बीच अनबन की परिणति इतनी हृदय विदारक हो सकती है? 

लेडी लॉयल के डाक्टरों ने बताया कि मोनिका दो महीने से डिप्रेशन में थीं। अवसाद से बाहर आने की दवाइयां ले रहीं थी पर कुछ फायदा नहीं हो रहा था। परिवार के करीबी लोगों ने बताया कि वह जरा जरा सी बात पर नाराज हो जाती थीं। 

बाद में उन्हें खुद अहसास होता था कि ऐसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने अपने परिजनों से भी अपने मन की बात साझा की। उन्होंने प्रयास भी किया कि उनकी पीड़ा दूर हो जाए लेकिन खास फायदा नहीं हुआ। वह तनाव में ही डूबी रहीं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें