सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते एडीजी सुरक्षा विजय कुमार
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सुरक्षा कारणों से ताजमहल का दक्षिणी गेट बंद करने के बाद अब ताजगंज से सटी दक्षिणी गेट की दीवार पर कंटीले तार लगाने की तैयारी है। ताजगंज में ऊंचे मकानों के कारण कोई भी ताज परिसर में आसानी से आ जा सकता है।
एडीजी सुरक्षा विजय कुमार ने ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के बाद इस खतरे को भांपते हुए कंटीले तार जल्द लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने ड्रोन कैमरे की उड़ानें रोकने के लिए अत्याधुनिक सिस्टम लगाने को कहा है।
एडीजी सुरक्षा विजय कुमार मंगलवार सुबह ताजमहल पहुंचे। उन्होंने एएसआई, ताज सुरक्षा, सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ ताजमहल के यमुना किनारे, मुख्य गुंबद पर सुरक्षा इंतजाम देखे।
ताजमहल
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इसके बाद उन्होंने सर्किट हाउस पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें ताज पर ड्रोन उड़ने की समस्या उठाई गई।
जिस पर एडीजी ने कहा कि ड्रोन रोकने के लिए कई तकनीक है। कोरिया के इंजीनियरों पर ड्रोन रोकने की तकनीक है। इसे ताज पर लगाया जाए।
सीआईएसएफ से जुड़े तीन मुद्दे उठे, जिनमें दक्षिणी गेट बंद करने, यमुना किनारा पर बुलेटप्रूफ मोर्चा बनाने और गेट पर पीए (पब्लिक एड्रेस) सिस्टम लगाने को कहा गया था। सीआईएसफ ने तीनों ही काम पूरे कर लिए। बीते सप्ताह ही मोर्चा और पीए सिस्टम लगाया गया।
एएसआई-एडीए ने एक काम भी न किया पूरा
ताज सुरक्षा की पूर्व में हुई बैठकों में एएसआई को मुख्य गुंबद के अंदर रेलिंग की चौड़ाई बढ़ाने, दक्षिणी दीवार पर कंटीले तार लगाने, दक्षिण-पश्चिमी मकान की ओर 25 मीटर तक तारबंदी करने और टिकट खिड़कियों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
लेकिन एक भी काम इसमें पूरा नहीं हुआ। इसी तरह एडीए ने भी पार्किंग में पीए सिस्टम और ताज में क्या करें, क्या न करें की जानकारी देने वाले बोर्ड नहीं लगाए।
ताजमहल के प्रवेश द्वार पर घूमती दिख रहीं गाय-भैंस को रोकने के लिए कैटल कैचर लगाने का काम भी एडीए ने पूरा नहीं किया। एडीजी ने इन सभी मु्द्दों पर दोनों विभागों से नाराजगी जताई।