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#LadengeCoronaSe: आगरा की युवती का कोरोना आया नेगेटिव, एसएन के इलाज से हुई स्वस्थ्य

Tue, 31 Mar 2020 12:03 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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जिला अस्पताल का आइसोलेशन वार्ड - फोटो : अमर उजाला
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एसएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने कोरोना के मरीज को संक्रमण मुक्त करने में सफलता हासिल की है। रेलवे अधिकारी की 14 मार्च से भर्ती बेटी की तीन रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उसे सोमवार को संक्रमण मुक्त घोषित कर छुट्टी दे दी गई। उसके उपचार की सबसे खास बात यह रही कि उसे कोई दवा नहीं दी गई। पौष्टिक आहार और गर्म पानी से ही उसने कोरोना से जंग जीत ली।
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आगरा कैंट क्षेत्र में रहने वाली युवती में 13 मार्च को कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी। इसे जिला अस्पताल के आइसोलेशलन वार्ड से एसएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में 14 मार्च को शिफ्ट किया गया था। इसके बाद चिकित्सकों की टीम इसके इलाज में जुट गई।




16 दिन तक सात-सात दिन के रोस्टर प्लान के तहत छह-छह डॉक्टरों की टीम ने इलाज किया। मरीज के बीते तीन नमूनों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद देर शाम इसे डिस्चार्ज कर दिया गया है।
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टीम में ये शामिल रहे 
डॉ. प्रशांत प्रकाश नोडल अधिकारी, डॉ. अंजना पांडे और डॉ. आशीष गौतम सह नोडल प्रभारी, डॉ. आरके वर्मा, डॉ. अजित चाहर, डॉ. जितेंद्र दौनेरिया, डॉ. कमल भारद्वाज, डॉ. दिवाकर, डॉ. पुलकित चौधरी, डॉ. अभिषेक यादव, डॉ. अमरेश कुमार, डॉ. भानुप्रताप सिंह की टीम रही। इनके सहयोग में डायटीशियन मिनी शर्मा, फार्मासिस्ट डॉ. मुनेंद्र सिंह, डॉ. योगेश चौधरी, स्टाफ नर्स सुरेखा, करुणा मैसी।

दवा देने की जरूरत ही नहीं पड़ी: डॉ. पीके माहेश्वरी
एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. पीके माहेश्वरी के निर्देशन में युवती का उपचार चला। डॉक्टर ने बताया कि युवती को दवा देने की जरूरत ही नहीं पड़ी। वह जब भर्ती हुई थी तब कोरोना से पीड़ित मरीजों को दवा देने की कोई गाइडलाइन नहीं थी। अब आ गई है।

गाइडलाइन से पहले लक्षणों के आधार पर दवा दी जा रही थी। बुखार हो जाए तो उसकी दवा, खांसी हो तो उसकी। लेकिन, इस युवती में ऐसा कोई लक्षण नहीं आया। न बुखार हुआ, न खांसी और न ही जुकाम। रिपोर्ट पॉजिटिव थी। ऐसे में चुनौैती थी उसे संक्रमण से बाहर निकालने की।

यह काम मरीज के शरीर की ताकत ही करती है। डॉक्टरों की टीम ने उपचार का फोकस उसके शरीर की अंदरूनी ताकत (इम्यूनिटी पावर) बढ़ाने पर किया। इसके लिए उसे पौष्टिक  आहार और गर्म पानी दिया गया।
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पौष्टिक आहार में हरी सब्जी और संतरा
डॉक्टर माहेश्वरी ने बताया कि  पौष्टिक आहार में हरी सब्जियां, पनीर, विटामिन सी वाले फल-सब्जी जैसे संतरा और नींबू दिए। उन्होंनेबताया कि कोरोना से बचने के लिए भी ये ही चीजें खानी चाहिए। इनसे शरीर की आंतरिक शक्ति मजबूत होती है। इसके मजबूत होने पर वायरस का हमला कम होता है। यदि हो भी जाए तो वह प्रभावी कम होता है।

गर्म पानी से कम होती है वायरस की सक्रियता
डॉक्टर ने बताया कि कोरोना वायरस पर कोई स्टडी नहीं है, लेकिन अन्य वायरस के बारे में यह अध्ययन है कि वे सर्दी में ज्यादा सक्रिय होते हैं। जुकाम और खांसी के वायरस भी इसी तरह व्यवहार करते हैं, इसलिए युवती को गर्म पानी पिलाया गया। यह माना जाता है कि गर्मी में वायरस की सक्रियता कम होती है और इस केस में यही हुआ है।

कोरोना वायरस के संक्रमण से पीड़ित मरीज ठीक हो गई है। इसे डिस्चार्ज कर दिया गया है। इसके इलाज में लगी चिकित्सकीय टीम बधाई की पात्र है। लोगों से यही अपील है कि घरों पर रहें और बेवजह बाहर न निकलें।  - डॉ. जीके अनेजा, प्राचार्य

मेडिसिन विभाग की चिकित्सकों की टीम पूरे 16 दिन तक दिन-रात लगी रही। डॉक्टरों की मेहनत और मरीज की इच्छाशक्ति ने कोरोना वायरस को मात दी है। लोग कोरोना वायरस से घबराएं नहीं, बल्कि सावधानी और सतर्कता बरतें। - डॉ. पीके माहेश्वरी, विभागाध्यक्ष मेडिसिन विभाग
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