दिनांक वर्ष 2021 वर्ष 2020
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28 नवंबर 28.5 डिग्री सेल्सियस 26.5 डिग्री सेल्सियस
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मौसम का उतारचढ़ाव खतरनाक, बचकर रहना जरूरी
मौसम में हो रहे उतारचढ़ाव से बचकर रहना जरूरी है। स्वास्थ्य के लिए यह खतरनाक है। वरिष्ठ फिजिशियन व आईएमए के अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय का कहना है कि ऐसे मौसम में सर्दी, जुकाम, खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। त्वचा में एलर्जी के मरीज बढ़ जाते हैं। वायरल बुखार की चपेट में आने की संभावना रहती है।
बढ़ रही है सर्दी, जुकाम, खांसी, त्वचा में एलर्जी के मरीजों की संख्या
डॉ. राजीव उपाध्याय का कहना है कि मौसम सांस और हृदय रोगियों के लिए भी खतरनाक है। ऐसे में मरीजों को ठंड से बचाव करना चाहिए। मरीजों के अलावा बच्चों और बुजुर्गोँ को सुबह जल्दी और रात में बाहर निकलने से बचना चाहिए। पूरे कपड़े पहनकर रखें। हवा सीधे शरीर पर नहीं लगनी चाहिए। इस मौसम में खानपान का भी विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। ठंडी चीजें और खट्टा खाने से बचना चाहिए। एहतियात से मौसम जनित बीमारियों की चपेट में आने से बचा जा सकता है।
मौसम में बदलाव के साथ अस्पतालों में सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार के मरीज बढ़े हैं। सोमवार को एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 411 और मंगलवार को 321 मरीज पहुंचे। इसमें अधिक मरीज सर्दी, जुकाम, खांसी व बुखार के ही रहे। वहीं, त्वचा रोग विभाग में सोमवार को 343 और मंगलवार को 186 मरीजों ने परामर्श प्राप्त किया। एलर्जी, चकत्ते पड़ने आदि के मरीज ज्यादा थे।
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