फिरोजाबाद जिले की थाना सिरसागंज पुलिस और एसओजी टीम ने दो सुपारी किलर को गिरफ्तार किया है। इन दोनों ने शहर के एक कारोबारी की हत्या के लिए पांच लाख सुपारी ली थी। गोरखपुर जेल में बंद कुख्यात अपराधी ने जेल में दूसरे अपराधी के माध्यम से हत्या के लिए सुपारी दी थी। कारोबारी द्वारा मुनीम की हत्या के मामले में पैरवी करने से देवेंद्र नाराज था।
एसएसपी सचिंद्र पटेल ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि सिरसागंज पुलिस और एसओजी टीम ने 31 जुलाई की रात सिरसागंज के नगला राधे मोड़ पर आई-10 कार को रोक कर चेक किया तो उसमें असलाह व कारतूस मिले। संदेह होने पर पुलिस ने कार सवार आशीष यादव और संदीप निवासी कादीपुर खुदकाश थाना कंधारपुर (आजमगढ़) गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने पूछताछ की तो सुपारी किलर आशीष और संदीप ने बताया कि वो फिरोजाबाद में प्रमुख कारोबारी की हत्या करने आए हैं। हत्या की सुपारी गोरखपुर जेल में बंद देवेंद्र यादव और प्रिंस जायसवाल ने पांच लाख रुपये में दी है। प्रिंस जायसवाल आजमगढ़ के थाना कप्तानगंज के पीपरी निवासी कुख्यात अपराधी है। देवेंद्र के माध्यम से उसने एक माह पूर्व कारोबारी की हत्या की सुपारी दी थी। उन्होंने ही कार, असलहे, कारतूस और कारोबारी का नाम पांच हजार की नकदी इटावा से दिलाई थी।
कारोबारी से नाराज था देवेंद्र यादव
एसएसपी ने बताया कि देवेंद्र यादव थाना नारखी के गांव कपावली का रहने वाला है। उसने 2019 में अनूप यादव की हत्या की थी। वो फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा था। बाद में, एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार किया था। वर्तमान में वो गोरखपुर जेल में बंद हैं। उसका सगा भाई शिवा भी हत्या के मामले में फिरोजाबाद जेल में बंद है।
शिवा ने 2014 में कारोबारी के मुनीम कुलदीप की लूट के बाद हत्या की थी। देवेंद्र समझौते का प्रयास कर रहा था, लेकिन कारोबारी की प्रभावी पैरवी के कारण समझौता नहीं हो सका। इससे देवेंद्र नाराज था और उसने कारोबारी को रास्ते से हटाने की प्लानिंग जेल में ही आजमगढ़ निवासी अपराधी प्रिंस जायसवाल के माध्यम से कर ली थी।
आशीष आर्मी तो संदीप पॉलीटेक्निक छात्र
हत्या की सुपारी लेने वाला आशीष यादव आर्मी व पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। उसने बताया कि उसने गांव के मित्र संदीप यादव, जो इटावा में पॉलीटेक्निक कर रहा है, के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने की योजना बनाई। आशीष ने कहा कि वो पेशेवर अपराधी नहीं है, लेकिन पैसे के लालच के कारण सुपारी ले ली थी।
टीम को पुरस्कार की घोषणा
एसएसपी सचिंद्र पटेल ने सुपारी किलर की गिरफ्तारी पर पुलिस टीम को 20 हजार का नकद पुरस्कार और आगरा जोन के आईजी ए. सतीश गणेश ने 50 हजार का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
मामला भाजपा नेता के परिवार से जुड़े होने की चर्चा
सुपारी किलर ने जिस प्रमुख कारोबारी की हत्या की सुपारी ली थी वो युवा कारोबारी भाजपा के एक राष्ट्रीय पदाधिकारी के परिवार से जुडे बताए गए हैं। पुलिस ने कारोबारी के नाम का खुलासा नहीं किया है लेकिन मामला खुलने के बाद भाजपा नेता के परिवार से जुडे सदस्य का नाम सामने आया है।
एसएसपी सचिंद्र पटेल का कहना है कि अभी तो सुपारी किलर पकडे गए हैं उनसे गहनता से पूछताछ की जा रही है। कारोबारी की सुरक्षा का सवाल है इस लिए नाम अभी नहीं बताया जा सकता। उधर कारोबारी के परिवार से जुडे भाजपा नेता ने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है, इस प्रकरण से उनके परिवार का कोई संबंध ही नहीं है।