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नाइजीरियन गैंग के लैपटॉप में 1.50 लाख लोगों के मोबाइल नंबर, जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Wed, 19 Aug 2020 01:07 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • रेंज साइबर सेल की जांच खुलासा, तीन लाख ईमेल आईडी भी मिलीं 
  • मास्टरमाइंड के लैपटॉप में 250 करोड़ के लेन-देन की जानकारी मिली 
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नाइजीरियन गैंग के सदस्य - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में पकड़ा गया नाइजीरियन गैंग पब्लिक सर्विस डोमेन की मदद से लोगों का डाटा हासिल करता और उनको ठगी का शिकार बनाता था। रेंज साइबर सेल की जांच में गैंग के सदस्य के लैपटॉप में 1.50 लाख लोगों के मोबाइल नंबर और तीन लाख ईमेल आईडी मिली हैं। इन सभी से ठगी की आशंका है। 

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रेंज साइबर सेल की टीम ने 12 अगस्त को नाइजीरियन गैंग के सदस्य गुड्स टाइम संडे उर्फ बेंशन, गाजियाबाद निवासी तरुण यादव, संभल निवासी आसिफ और जसपाल को गिरफ्तार किया था। गुड्स टाइम संडे सहित अन्य के पास से पुलिस ने 75 बैंक पासबुक बरामद की थीं। इन पासबुक में करोड़ों के लेन-देन की जानकारी है। गुड्स टाइम संडे के लैपटॉप में 250 करोड़ के लेन-देन की जानकारी मिली। 


पुलिस के मुताबिक, लैपटॉप में तकरीबन तीन लाख ई मेल आईडी, 1.50 लाख से अधिक लोगों के मोबाइल नंबर हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि यह डाटा पब्लिक सर्विसेज के डोमेन में ऑनलाइन जाकर लिया था। इसकी मदद से ही लोगों को ईमेल और कॉल करते थे। इनसे ठगी किए जाने की आशंका है। पुलिस के अनुसार गैंग के सरगना का अभी सुराग नहीं लगा है। 

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अमेरिकन युवती बन की दोस्ती

झारखंड के विकास से अपराधियों ने एक साल तक फेसबुक मैसेंजर पर अमेरिका की युवती बनकर चैट की। इसके बाद मिलने आने की बात कही। एयरपोर्ट पर कस्टम क्लीयरेंस के नाम पर खाते में 20 लाख रुपये जमा करा लिए थे। 

मुरादाबाद के व्यापारी को दिया झांसा 

गैंग ने मुरादाबाद के रहने वाले नीरज कुमार गर्ग को भी ठगा। उनको व्यापार में निवेश करने पर मोटे मुनाफे का लालच दिया। इसके बाद खाते में कई बार में तीन साल पहले 19 लाख रुपये जमा करा लिए। पीड़ित तब से भटकने को मजबूर थे। गैंग के पकड़े जाने के बाद रेंज साइबर सेल से संपर्क किया है।


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