आगरा के थाना हरीपर्वत में चूने का पाउडर बनाने की फैक्टरी के मालिक प्रदीप सूरी की एक साल पहले मौत के मामले में एक महिला और उसके भाई के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोप है कि महिला ने धोखाधाड़ी करके अपने नाम पिता से वसीयत लिखवा ली। पिता के बीमार होने पर जानबूझकर इलाज नहीं कराया। इससे उनकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि विवेचना की जा रही है।
लोहामंडी क्षेत्र के जयपुर हाउस निवासी अंकित सूरी पुत्र प्रदीप सूरी ने मुकदमा दर्ज कराया है। आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर आठ निवासी प्रज्ञा चतुर्वेदी और आशुतोष चतुर्वेदी को नामजद किया है। अंकित सूरी ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था।
इसमें कहा गया कि पिता प्रदीप सूरी की शादी 34 साल पहले ज्योति सूरी के साथ हुई थी। 31 साल पहले मां का देहांत हो गया। दूसरी शादी इंदु सूरी से 20 साल पहले की थी। तीनों जयपुर हाउस के मकान में रहते थे।
बेटे ने लगाया यह आरोप
पिता ने साइट सी सिकंदरा स्थित फैक्टरी को बेच दिया था। इसके बाद बाईंपुर में फैक्टरी खरीद ली। इस फैक्टरी में चूने का पाउडर बनाने का काम होता था। पिता कई बार रात में फैक्टरी में ही रुक जाते थे। रात में कामकाज होता था।
दो साल से पिता ने घर आना बंद कर दिया। वो फैक्टरी में ही रुकने लगे। बाद में पता चला कि वो प्रज्ञा चतुर्वेदी के संपर्क में थे। वो पिता से 25 साल छोटी थी। बाद में यह भी पता चला कि प्रज्ञा ने अपने जाल में फंसाकर वसीयत में मकान और फैक्टरी अपने नाम करा ली है।
15 दिन बाद दी तबीयत खराब होने की जानकारी
मुकदमे में बेटे ने आरोप लगाया गया है कि 15 जुलाई 2019 को पिता की तबीयत खराब होने पर प्रज्ञा हृदय रोग विशेषज्ञ के क्लीनिक पर ले गई। डॉक्टर ने तुरंत सीसीयू में भर्ती करने की सलाह दी। मगर, प्रज्ञा और उसके भाई आशुतोष उन्हें घर ले गए।
पिता के बीमार होने की जानकारी 30 जुलाई तक नहीं दी गई। मरणासन्न हालत में होने पर उन्हें देहली गेट स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। जहां एक अगस्त 2019 को उनकी मौत हो गई। बाद में डॉक्टरों से परामर्श से पता चला कि पिता को बीमार होने पर तुरंत इलाज मिल जाता तो जान बच जाती।
यह सब प्रज्ञा और उसके भाई ने वसीयत में लिखी संपत्ति पर काबिज होने के लिए किया है। थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर हत्या, धोखाधड़ी की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना के बाद कार्रवाई की जाएगी।