करदाता, सीए और कर अधिवक्ताओं के लिए सितंबर व्यस्ततम साबित होने वाला है। सीए और जीएसटी विशेषज्ञ सौरभ अग्रवाल के मुताबिक इस दौरान जीएसटी के अलग-अलग आठ रिटर्न दाखिल होंगे।
-1.5 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक टर्नओवर
11 सितंबर तक भरना है कर अवधि अगस्त-20 का जीएसटी आर-1
-5 करोड़ तक वार्षिक टर्नओवर
15 सितंबर तक भरना है कर अवधि मई-20 का टैक्स एवं जीएसटीआर-3बी
20 सितंबर तक भरना है कर अवधि अगस्त-20 का टैक्स एवं जीएसटीआर-3बी
25 सितंबर तक भरना है कर अवधि जून-20 का टैक्स एवं जीएसटीआर-3बी
29 सितंबर तक भरना है कर अवधि जुलाई-20 का टैक्स एवं जीएसटीआर-3बी
- दो करोड़ तक वार्षिक टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए वर्ष 2018-19 का वार्षिक रिटर्न भरना है, जो कि वैकल्पिक रहेगा।
- 30 सितंबर तक वर्ष 2018-19 का वार्षिक रिटर्न भरना है
- साधारण कारोबारियों को वार्षिक रिटर्न (जीएसटी आर-9) भरना है
- समाधान योजना के कारोबारियों को वार्षिक रिटर्न (जीएसटी आर-9ए) भरना है
समय से रिटर्न भरने से लाभ होगा
रिटर्न भरने को लेकर कारोबारी तैयारी कर लें। अलग-अलग तारीख पर विवरणी जानी है। समय से भरने पर व्यापारी को ही लाभ मिलेगा। -राकेश श्रीवास्तव, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1, राज्य जीएसटी विभाग
आगरा के 6,473 व्यापारियों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के निरस्त हुए पंजीकरण की बहाली का मौका मिला है। जीएसटी पोर्टल पर 30 सितंबर तक ये विकल्प खुला रहेगा। जीएसटी कानून की धारा-29 में प्रावधान है कि यदि कोई कारोबारी लगातार छह माह का मासिक जीएसटी रिटर्न(3बी) नहीं भरता है तो जीएसटी अधिकारी उसका पंजीयन निरस्त कर सकते हैं। इस प्रावधान के तहत पंजीयन निरस्त किए गए।
कर विशेषज्ञों के अनुसार, जीएसटी कानून की धारा-30 के अनुसार पंजीयन बहाली के आवेदन के लिए 30 दिन का समय रहता है। मगर, कारोबारी निर्धारित तिथि में पंजीयन बहाली का प्रार्थना पत्र दाखिल नहीं कर पाए। ऐसे कारोबारी 30 सितंबर, 2020 तक जीएसटी पोर्टल पर पंजीयन बहाली का प्रार्थना पत्र दाखिल कर सकते है। विकल्प जीएसटी पोर्टल पर 6-अगस्त से खोल दिया गया है।
6473 डीलर्स के पंजीयन निरस्त किए
एक जुलाई, 2017 से अब तक 6473 डीलर्स के पंजीयन निरस्त किए गए थे। ये दोबारा पंजीयन करा सकते हैं। वहीं, ऐसा दोबारा न हो इसलिए लगातार रिटर्न दाखिल करते रहें। -राकेश श्रीवास्तव, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड 1 राज्य जीएसटी विभाग